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31 अक्तूबर, 2020|7:14|IST

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... न न करते करते स्कूल पहुंच ही गए शिक्षक

... न न करते करते स्कूल पहुंच ही गए शिक्षक

बेसिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी व जूनियर हाई स्कूलों में आखिरकार बुधवार से शिक्षकोें के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो ही गया। हालांकि ज्यादातर स्थानों पर शिक्षक निर्धारित समय के बाद ही पहुंचे और स्कूल बन्द होने के समय से पहले ही स्कूलों में ताला भी पड़ गया। इस बीच निशुल्क किताबों के वितरण की औपचारिकता भी हो गई। कुछ अभिभावकों को विद्यालय बुलाकर पुस्तके दे दी गईं। मंगलवार की शाम तक इन शिक्षकों में स्कूल जाने को लेकर काफी ऊहापोह की स्थिति रही। माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों की 31 जुलाई तक छुट्टी कर दी गई है ऐसे में बेसिक शिक्षकों को लग रहा था कि उनकी भी 31 जुलाई तक की छुट्टी हो जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ और बुधवार को यह शिक्षक भी स्कूल पहुंचे।

सरकार के निर्देश पर एक जुलाई से बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में शिक्षकों को पहुंचकर पुस्तक वितरण तथा अन्य कार्य करने हैं। माध्यमिक विद्यालय 31 जुलाई तक बन्द रहने के चलते गफलत की स्थिति बनी रही। उसका नतीजा भी बुधवार को देखने को मिला जब कई स्थानों पर स्कूल समय के काफी देर बाद ही शिक्षक पहुंचे। कई स्कूलों में निशुल्क वितरण के लिए पुस्तकें नहीं पहुंची थी इसलिए इनका वितरण भी नहीं हो पाया। स्कूलों की छुट्टी का समय दोपहर एक बजे हैं लेकिन कई स्कूलों में 12 बजे ही ताले पड़ गए और शिक्षक अपने घर चले गए। यह विद्यालय पिछले तीन महीने से भी अधिक समय से बन्द चल रहे थे। बुधवार को साफ सफाई के बाद विद्यालय खोले गए और शिक्षकों ने कामकाज शुरू कर दिया। विद्यालयों में पांच पांच अभिभावकों को बुलाकर उन्हे बच्चों की किताबें दी गईं। इसके साथ ही अभिभावकों को यह भी बताया गया कि अभी बच्चों को स्कूल न भेजें उन्हे घर पर ही पढ़ाई कराएं। दूरदर्शन के माध्यम से पढ़ाई कराई जा रही है। इसके साथ ही शिक्षक भी अभिभावक व बच्चों से मोबाइल के माध्यम से सम्पर्क में रहेंगे और उनकी कठिनाईयों का निराकरण करेंगे।

नहीं हुआ सेनेटाइजेशन, डरे रहे शिक्षक

बेसिक शिक्षा विभाग के कई स्कूलों को क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया था लेकिन बुधवार को स्कूल खुलने से पहले किसी भी स्कूल में सेनेटाइजेशन नहीं कराया गया। इसके चलते शिक्षक डरे डरे से विद्यालयों में कामकाज करते रहे। मंगलवार को प्रभारी बीएसए दिग्विजय सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से स्कूलों का सेनेटाइजेशन कराने के लिए जिला प्रशासन से अनुरोध किया गया था। सेनेटाइजेशन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है। जिला स्तर पर भी सेनेटाइजेशन के लिए अनुरोध किया गया है।

साढ़े आठ लाख में से आईं केवल साढ़े तीन लाख किताबें

बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलोंं में पढ़ने वाले बच्चों को निशुल्क पुस्तक वितरण की व्यवस्था है। इसके लिए इस महीने की शुरूआत से ही पुस्तकें आने लगीं थीं। जिले में इन विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को वितरित करने के लिए साढ़े 8 लाख किताबों की जरूरत है जिनमें से अब तक साढ़े तीन लाख पुस्तकें आ चुकी हैं। खंड शिक्षा अधिकारी दिग्विजय सिंह ने बताया कि बुधवार से ही किताबों के वितरण का कार्य शुरू करा दिया गया है। पुस्तकों के आने की प्रक्रिया अभी जारी है लेकिन पुस्तक वितरण भी जारी रहेगा। जो किताबें आईं हैं उनका सत्यापन करा दिया गया है और सत्यापन के बाद इन्हे ब्लाक स्तर पर भेज दिया गया है। यहां से स्कूलों में जा रहीं हैं।