DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मौसम बदलते ही बढ़ने लगे डायरिया, निमोनिया व बुखार के रोगी

मौसम बदलते ही बढ़ने लगे डायरिया, निमोनिया व बुखार के रोगी

पिछले कई दिनों से मौसम में हो रहे परिवर्तन के कारण विभिन्न प्रकार के रोग भी तेजी से बढ़ रहे हैं। तीन दिनों से जो सर्दी फिर से लौटी है उसके कारण जहां छोटे बच्चे कोल्ड डायरिया व निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। वहीं ह्रदय रोगियों के साथ सांस के रोगियों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। जिला अस्पताल के साथ प्राइवेट अस्पतालों में ऐसे मरीजों की भरमार है। सर्दी से सबसे ज्यादा प्रभावित जहां पांच वर्ष के बच्चे हो रहे हैं। वहीं वृद्ध लोगों को भी ऐसे में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में इस समय सबसे अधिक भीड़ फिजीशियन, चेस्ट फिजीशियन व बाल रोग विशेषज्ञ के पास हो रही है। बदलते मौसम को देखते हुए डाक्टरों ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह लोगों को दी है।

फरवरी की शुरुआत से ही मौसम तेजी से बदलने लगा था। जहां सुबह शाम सर्दी रहती थी वहीं दोपहर में तेज धूप के कारण लोग परेशान होने लगे थे। इतना ही नहीं धूप के कारण लोगों ने गर्म कपडे़ पहनना भी काफी कम कर दिया था। वहीं बच्चों के प्रति भी उनके अभिभावक लापरवाही बरतने लगे थे। तीनों दिनों से मौसम ने फिर एक बार करवट बदली है। सर्द हवाओं से लोग परेशान हैं जिसके कारण कई बीमारियां भी बच्चों के साथ बड़ों को भी सताने लगी हैं। पांच वर्ष तक के बच्चे कोल्ड डायरिया के साथ निमोनिया, बुखार, जुखाम, खांसी का शिकार हो रहे हैं। वहीं सर्द हवाओं के कारण सांस के मरीज सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। वहीं ह्रदय रोगियों की परेशानियों बढ़ गई हैं। इसके अलावा एलर्जी की समस्या से भी लोग परेशान हैं। जिसके कारण लोगों के कान बहने शुरु हो गए हैं और सुनने में भी उन्हें दिक्कतें आ रही हैं।

जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डा.पीके गुप्ता व डा.बीएस अग्निहोत्री प्रतिदिन लगभग 200 से अधिक बच्चे देख रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा बच्चे सर्दी का शिकार हैं और चार-पांच बच्चे प्रतिदिन कोल्ड डायरिया से ग्रसित आते हैं। जिन्हें भर्ती भी किया जा रहा है। इसके अलावा निमोनिया, बुखार, खांसी, जुकाम के मरीजों की भी भरमार है। फिजीशियन डा.बीके साहू भी 100 से 150 मरीज प्रतिदिन देख रहे हैं। उनके पास सांस के मरीजों के अलावा ह्रदय रोगियों की भी संख्या अधिक रहती है। जिला अस्पताल के अलावा प्राइवेट अस्पतालों में भी फिर से मरीजों का मेला सा लगने लगा है।

एलर्जी रोगियों के लिए मौसम है खतरनाक

इटावा। जिला अस्पताल के ईएनटी सर्जन डा.एके यादव का कहना है कि बदलता मौसम एलर्जी रोगियों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक है। क्योंकि इस मौसम में एलर्जी रोगियों की समस्या और भी अधिक बढ़ जाती है। एलर्जी के कारण जहां लोगों को सुनने में दिक्कत आती है वही कान भी बहने लगता है और सर्दी जुकाम के कारण कान में विभिन्न तरह की आवाजें आने लगती है। रोगियों को चाहिए कि वह जो दवाएं ले रहे हैं उन दवाओं को बंद न करें और दिक्कत बढ़ने पर तुरंत डाक्टर से सम्पर्क करें।

ह्रदय व सांस रोगी बरतें विशेष सावधानी

इटावा। जिला अस्पताल में तैनात फिजीशियन डा.बीके साहू का कहना है ह्रदयरोगी व सांस के रोगी इस बदलते मौसम में सबसे ज्यादा सावधानी बरतें नहीं तो वह काफी दिक्कतों में पड़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि ह्रदय रोगियों को नियमित रुप से अपना बीपी चेक कराना चाहिए। वहीं सांस के रोगियों को गर्म कपड़े पहनने के साथ कान भी ढक कर रखना चाहिए। ऐसे रोगियों को सर्दी से विशेष बचाव की आवश्यकता होती है। अगर सर्दी अधिक है और हवाएं चल रही हैं तो सांस के रोगी घर से बाहर न निकलें।

बच्चों के प्रति न करें लापरवाही

इटावा। बाल रोग विशेषज्ञ डा.पीके गुप्ता का कहना है कि मौसम में परिवर्तन के कारण बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कतें उठानी पड़ रही है। अधिकतर बच्चे जुकाम, बुखार व निमोनिया का शिकार हो रहे हैं। वहीं कोल्ड डायरिया की चपेट में भी बच्चे आने लगे हैं। प्रतिदिन चार पांच बच्चे कोल्ड डायरिया के भर्ती किए जाते हैं। बच्चों के अभिभावकों को चाहिए कि वह इस बदलते मौसम में किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें बच्चों को पूरी तरह से गर्म कपड़े पहनाकर रखें और सर्द हवाओं के बीच उन्हें बाहर न निकालें।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: Severe diarrhea, pneumonia and fever in the weather