इटावा में पैंटून पुल पर यातायात शुरू
Etawah-auraiya News - गांव भरेह और असेवा को जोड़ने वाला पांटून पुल अब चालू हो गया है, जबकि इसे अक्टूबर 2025 में चालू करने का आदेश था। प्रशासन की लापरवाही के कारण लोगों को 10 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता था। अब पुल बनने से भरेह क्षेत्र के लोगों को राहत मिली है।

गांव भरेह से असेवा औरेया को जोड़ने वाला पांटून पुल अब बमुश्किल चालू करवाया गया है, जबकि पुल को अक्टूबर 2025 में चालू करवाने के आदेश थे। प्रशासन की लापरवाही के कारण करीब एक दर्जन गाँव के लोग करीब 10 किलोमीटर का चक्कर काटकर पहुँच पाते थे। भारेश्वर महादेव मंदिर पर भरेह क्षेत्र के अलावा औरैया के असेवा, सेंगनपुर, भीखेपुर क्षेत्र के भक्त पुल न बनने के कारण अजीतमल, बाबरपुर होते हुए सिकरोड़ी पुल से होकर आते है जिससे उन्हें समय भी ज्यादा लगता है तथा दूरी भी बढ़ जाती है। जबकि इटावा जिला मुख्यालय से दूरी अधिक होने के कारण भरेह क्षेत्र के लोग औरैया, बाबरपुर अजीतमल, भीखेपुर आदि में बाजार करने जाते है।
गांव भरेह के श्रीराम कठेरिया ने बताया कि हर वर्ष पुल निर्माण का यहीं हाल रहता है। बाढ़ के बाद पुल अक्टूबर में बनना चाहिए लेकिन कभी फ़रवरी तो कभी मार्च में तैयार हो पाता है। उधर जून में फिर पुल तोड़ने के आदेश हो जाते है। साल में बमुश्किल 4 माह ही राहगीरों को इसका लाभ मिल पाता है जबकि बाढ़ व बारिश के 4-5 महीने छोड़कर बाकी 7-8 महीने पुल पर आवागमन चालू रहना चाहिए। श्रीकृष्ण ओझा ने बताया कि पुल न होने पर बाढ़ के दौरान भरेह क्षेत्र के लोग घरों में कैद ही रहते थे। अब एक तरफ गढ़ा कासदा से सिकरोड़ी का पक्का पुल व भरेह गांव से असेवा को जोड़ने वाला यमुना में पांटून पुल बनने से लोगों को राहत मिली थीं लेकिन भरेह गांव के नीचे बना पुल लोक निर्माण विभाग औरैया के अधीन है। भरेह क्षेत्र के लोगों के लिए बाबरपुर, भीखेपुर, औरैया का बाजार ही पास में पड़ता है। इन बाजारों में लोगों के मकान भी बने है जिससे आना जाना हमेशा रखना पड़ता है पुल न बनने से काफ़ी परेशानी होती है। फिलहाल पीपा पुल शुरू होने से लोगों को बड़ी राहत मिली है।
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