इटावा में लोन और नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाला पुलिस के हत्थे चढ़ा
Etawah-auraiya News - सिविल लाइन पुलिस ने बैंक लोन, नौकरी और मकान के किराए के नाम पर लोगों से लाखों रुपये ठगने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। मुख्य आरोपी आशीष कुमार को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से लैपटॉप, मोबाइल और नकदी बरामद की गई। कई पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

बैंक लोन, नौकरी दिलाने और मकान को बैंक शाखा के लिए किराये पर दिलाने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये ठगने वाले एक संगठित गिरोह का सिविल लाइन पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल, चांदी की पायल और नकदी बरामद की है। आरोपी अपने परिजनों और साथियों के साथ मिलकर लंबे समय से लोगों को निशाना बना रहा था। मोहल्ला नौरंगाबाद निवासी दीपक शर्मा ने सिविल लाइन थाने में तहरीर देकर बताया कि उन्हें अपने पिता के इलाज के लिए तत्काल बैंक लोन की आवश्यकता थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात नगला बाबा साईं मंदिर के सामने कचौरा रोड निवासी आशीष कुमार से हुई।
आशीष ने खुद को बैंक अधिकारियों से गहरे संपर्क में बताते हुए पांच लाख रुपये का लोन पास कराने का भरोसा दिया। उसने कहा कि बैंक अधिकारियों को रिश्वत और अन्य खर्चों के नाम पर एक लाख रुपये देने होंगे। उसकी बातों पर विश्वास कर 4 नवंबर से 29 नवंबर 2025 के बीच अलग-अलग किश्तों में कुल 71,755 रुपये आरोपी के बताए गए खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। खाते आरोपी की मां मिथलेश और सहयोगी अखिलेश कुमार के नाम पर थे। इसके अलावा 30 हजार रुपये नकद भी दे दिए। इस प्रकार आरोपी ने कुल 1,01,755 रुपये ठग लिए। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब लोन पास नहीं हुआ और पीड़ित ने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। सीओ सिटी अभय नारायण ने बताया आरोपी को शनिवार दोपहर सुदिति ग्लोबल स्कूल के पास घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक लैपटॉप, मोबाइल फोन, एक जोड़ी चांदी की पायल और दो हजार रुपये नकद बरामद किए गए। बरामद लैपटॉप और मोबाइल से ठगी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है। गिरोह की ठगी का दायरा बढ़ा, कई पीड़ितों ने दी तहरीर कई अन्य पीड़ितों के सामने आने के बाद ठगी की रकम लाखों रुपये तक पहुंच गई। जसवंतनगर थाना क्षेत्र के बलैयापुर निवासी पंकज कुमार से आरोपी ने करीब 3 लाख 50 हजार रुपये ठगे। कोतवाली क्षेत्र के वासीलालपुरा निवासी राजेश से 1 लाख 20 हजार रुपये की ठगी की गई। गाड़ीपुरा निवासी अभिषेक सोनी से 5 लाख 85 हजार रुपये ठगे गए। वैशालीपुरम निवासी शीलता देवी से 97 हजार 590 रुपये तथा अशोक नगर पाल कॉलोनी निवासी कृष्णवीर पाल से 3 लाख 65 हजार रुपये ठगे गए। सभी पीड़ितों ने अपने आवेदन पुलिस को दिए हैं। फर्जी बैंक अधिकारी बनकर करता था ठगी सीओ ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि आशीष कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह बना रखा था, जो लोगों को बैंक अधिकारी बताकर झांसे में लेता था। आरोपी फर्जी पासबुक, नकली बैंक मोहर और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर पीड़ितों को दिखाता था, जिससे लोग आसानी से उसके झांसे में आ जाते थे। जब पीड़ित इन दस्तावेजों को बैंक में दिखाते तो वे पूरी तरह फर्जी निकलते थे। मकान मालिकों को भी झांसा देता था कि उनका मकान बैंक शाखा के लिए किराये पर लिया जाएगा। इस बहाने वह अग्रिम खर्च और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर रुपये ऐंठ लेता था। कई लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर भी रकम वसूली गई।
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