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25 जनवरी, 2021|6:25|IST

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स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्सिंग का विरोध, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्सिंग का विरोध, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

पैरामेडिकल संयुक्त संघर्ष मोर्चा की ओर से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया गया। इसमें स्वास्थ्य विभाग में संविदा व आउटसोर्सिंग का विरोध किया गया। संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने कहा कि इससे स्वास्थ्य विभाग की हालत दिनोंदिन खराब होती जा रही है।

मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप कुमार भारतीय के आह्वान पर दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी होती जा रही है, जो भी पद भरे जा रहे हैं वे संविदा और आउटसोर्सिंग से भरे जा रहे हैं, ऐसे में विभाग की हालत बिगड़ रही है और लोगों को सही व समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में रीड की हड्डी कहे जाने वाले पैरामेडिकस की हालत बदतर हो चुकी है। देश में पैरामेडिक्स, नर्सिंग तथा फार्मासिस्ट सहित देश में लगभग डेढ़ लाख से ज्यादा पद खाली हैं लेकिन सरकार इसके प्रति बिल्कुल चिंतित नहीं है। स्वास्थ्य कर्मी इस कोरोना काल में भी अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं लेकिन उनकी ओर कोई ध्यान देने के बजाय संविदा व आउटसोर्सिंग के कारण उनका शोषण किया जा रहा है। राष्ट्रपति से स्वास्थ्य कर्मियों के खाली पदों को सीधी भर्ती के जरिए भरने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में जिला संयोजक आकाश राजपूत, तुषार अवस्थी, हिमांशु राघव, शत्रुघ्न राठौर, कु.सोनम आदि थे।

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  • Web Title:Opposition of outsourcing in Health Department memorandum sent to President