DA Image
2 अगस्त, 2020|10:31|IST

अगली स्टोरी

ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

व्हाट्सअप, फेसबुक व अन्य सोशल साइडों के जरिए कम्पनी के महंगे मोबाइलों को सस्ते दामों में सेल करने के विज्ञापन प्रसारित करके लोगोंं को ठगी का शिकार बनाने वाले गिरोह का गुरुवार को कोतवाली पुलिस ने भंडाफोड़ किया। पकडे़ गए दोनों अभियुक्तों को शहर के बस स्टैंड पर स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से दो महंगे मोबाइल फोन भी बरामद हुए जिनसे अब तक ये लोग देश भर में एक सैकड़ा लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी कर चुके हैं। पुलिस टीम की इस सफलता पर एसएसपी आकाश तोमर ने उत्साहवर्धन किया।

जसवंतनगर के सिसहाट की रहने वाली युवती स्नेहलता ने 21 जुलाई को कोतवाली में प्रार्थना पत्र देकर धोखाधड़ी कर ठगी करने का मामला दर्ज कराया था। तहरीर में उसने बताया था कि दो मोबाइल नम्बर धारकों ने उसे 47 हजार रुपए कीमत का एक मोबाइल फोन डिस्काउंट में 15 हजार रुपए में दिलाने की बात ऑनलाइन मैसेज के माध्यम से दी थी। जिसमें उन लोगों ने एडवांस में पेटीएम के माध्यम से एक हजार रुपए लिए गए थे। लेकिन बाद में फोेन की डिलीवरी नहीं दी गई और नम्बर आदि को ब्लॉक करके ठगी कर ली गई थी। इस मामले में पुलिस ने 417, 420 465 व 66डी आईटी एक्ट में मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरु कर दी थी।

एसएसपी आकाश तोमर ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते सीओ सिटी एसएन वैभव पांडेय के नेतृत्व में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बचन सिंह सिरोही व सर्विलांस टीम का गठन कर जांच सौंपी थी। जिसके बाद टीम ने इलैक्ट्रॉनिक एवं मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर बुधवार को शहर के बस स्टैंड के पास स्थित प्रिंस होटल में छापा मारकर यहां ठहरे जसवंतनगर के गांव भतौरा के रहने वाले मयंक राव तिवारी व सचिन को गिरफ्तार किया गया। हिरासत में आए युवकों से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। जिनकी जांच पड़ताल करने पर पता चला कि इन्हीं नम्बरों से मैसेज आदि से बात की गयी थी और युवती को ठगी का शिकार बनाया गया था। गिरोह का पर्दाफाश करने वाली टीम में कोतवाल बचन सिंह सिरोही, रेलवे रोड चौकी इंचार्ज चिंतन कौशिश व सर्विलांस टीम का योगदान रहा।

एक बीबीए तो दूसरा बीटेक का है छात्र

इटावा। सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक विज्ञापन प्रसारित कर लोगों को ठगने का काम करने वाले अभियुक्त सचिन आगरा से बीटेक कर रहा है। जो इस गिरोह का मास्टर माइंड हैं। वहीं मयंक राव तिवारी इटावा के प्रतिष्ठित कालेज से बीबीए प्रथम सेमेस्टर का छात्र है तो वहीं एक वर्ष पहले सचिन के सम्पर्क में आया था। इसके बाद दोनों ने अपनी शिक्षा का गलत प्रयोग करते हुए देश के यूपी, राजस्थान, गुजरात, बंगाल, महाराष्ट्र समेत विभिन्न राज्यों में अपना साइबर जाल बिछाकर लगभग एक सैकड़ा लोगों को ठगी का शिकार बना डाला। साइबर क्राइम सैल के जरिए पता चला है कि इनके ऊपर आगरा के सादाबाद, गाजियाबाद तथा साउथ में मामले दर्ज कराए गए हैं।

ठगी करने के लिए अपनाते थे यह हथकंडा

गिरफ्तार अभियुक्तों सचिन व मयंक ने पूछताछ में बताया कि वह सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों जैसे टैली ग्राम, यूट्यूव व अन्य पेज पर फर्जी आईडी के जरिए विभिन्न ब्रांडेड कम्पनी के मोबाइल को डिस्काउंट में दिलवाने का वीडियो डालते थे। जिसको देखकर लोग जब आकर्षित होकर उन्हें मैसेज के माध्यम से सम्पर्क साधते थे तो वह स्वयं को कार्डर बताकर उनके डेबिट व क्रेडिट कार्ड पर ऑनलाइन शॉपिंग में डिस्काउन्ट दिलाने के नाम पर उनका डाटा चोरी कर लेते थे। साथ ही अमेजन, फिलिपकार्ड जैसी ऑनलाइन कम्पनियों का टैग लगाकर आर्डर की बुकिंग करने का फर्जी मैसेज भी करते थे और बाद में एडंवास रुपए जमा करने के नाम पर ठग लेते थे। वे अब तक विभिन्न राज्यों के एक सैकड़ा लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Online fraud gang busted two arrested