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इटावा औरैया

मां, महात्मा और परमात्मा से बढ़कर कुछ नही- प्रमुख सागर

हिन्दुस्तान टीम,इटावा औरैयाPublished By: Newswrap
Tue, 03 Aug 2021 05:40 AM
मां, महात्मा और परमात्मा से बढ़कर कुछ नही- प्रमुख सागर

इटावा। संवाददाता

जिंदगी में मां, महात्मा और परमात्मा से बढ़कर कुछ भी नहीं है। जीवन में तीन आशीर्वाद जरुरी हैं, बचपन में मां का, जवानी में महात्मा का और बुढ़ापे में परमात्मा का। मां बचपन को संभाल देती हैं, महात्मा जवानी सुधार देता हैं और बुढ़ापे को परमात्मा संभाल लेता है।

यह विचार श्री पाश्र्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में जन्मभूमि मंगल चातुर्मास कर रहे आचार्य प्रमुख सागर महाराज ने 48 द्विवसीय भक्तामर महाअराधना में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि विनम्रता में जीने की आदत डालो। हाथ जोड़कर रहो, हाथ बांधकर नहीं। यही खुशहाल जीवन का रहस्य है। क्योंकि समर्पण जीवन में खुशहाली लाता है।

इससे पूर्व प्रात 5.30 बजे पाठ भक्ति और 6 बजे धार्मिक कक्षा आयोजित हुई। 6.45 बजे से श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा एवं 48 दिवसीय भक्तामर विधान प्रारम्भ किया। विधान के सातवें दिन मनोज कुमार जैन, संगीता जैन सौधर्म इन्द्र बने और 48 अघ्र्यों को मुख्य मांडने पर चढ़ाया। दोपहर 3 बजे से स्वाध्याय, 4.30 बजे दर्शन लाभ एवं धर्म चर्चा के बाद 5.30 बजे से प्रतिक्रमण और 6.30 बजे भक्तामर महादीपोत्सव के बाद गुरू भक्ति और आरती श्रद्धालुओं द्वारा की गयी।

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