ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News उत्तर प्रदेशभोगनीपुर नहर में पानी नहीं, सूख रही जायद की फसल

भोगनीपुर नहर में पानी नहीं, सूख रही जायद की फसल

तापमान 46 डिग्री पर पहुंचने के साथ ही किसान हों या मवेशी सभी को पानी की जरूरत बढ़ गई है। ऐसे में कस्बा क्षेत्र का हलक तर करने वाली भोगनीपुर नहर सूखी पड़ी है। जिसका नतीजा यह है कि जहां एक ओर मवेशी पानी...

भोगनीपुर नहर में पानी नहीं, सूख रही जायद की फसल
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,इटावा औरैयाTue, 26 May 2020 04:03 PM
ऐप पर पढ़ें

तापमान 46 डिग्री पर पहुंचने के साथ ही किसान हों या मवेशी सभी को पानी की जरूरत बढ़ गई है। ऐसे में कस्बा क्षेत्र का हलक तर करने वाली भोगनीपुर नहर सूखी पड़ी है। जिसका नतीजा यह है कि जहां एक ओर मवेशी पानी के लिए भटक रहे हैं तो वहीं किसान की जायद की फसल भी बूंद बूंद पानी को तरस रही है। यही नहीं इस समय धान की नर्सरी डालने का कार्य भी शुरू होना है लेकिन पानी के आभाव मे धान की पौध भी नहीं तैयार हो पा रही है। नहर से निकले बम्बे और रजवहों से धूल उढ़ रही है। स्थिति यह है कि सूखी नहर इस समय बच्चों के लिए क्रिकेट का मैदान बनी हुई है।

मई माह लगभग बीतने को है और गर्मी अपने चरम पर है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में नहरों के न आने से पेयजल व सिंचाई की समस्या खड़ी हो गई है। क्षेत्र का अधिकांश हिस्सा भोगनीपुर नहर के पानी से ही अपनी जरूरतें पूरी करता है। ऐसे में मवेशियों के लिए पानी की किल्लत खड़ी हो गई है। उधर जायद की फसलें पैदा करने वाले किसान सिंचाई के लिए परेशान है। नहर की इस मुख्य शाखा से कई माइनर व रजबहे निकले हैं लेकिन सभी सूखे पड़े हैं। नंदपुरा निवासी किसान विनय दीक्षित का कहना है कि भोगनीपुर नहर पर निर्भर किसानों ने अपने खेतों में जायद की फसल इस अरमान के साथ तैयार की थी कि मई जून की झुलसती गर्मी में उन्हें सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिलेगा लेकिन फसल जब खेंतों मे लहलाने लगी तो नहर के पानी ने धोखा दे दिया। जिसके चलते अब फसल सूखने लगी है। जायद की फसल को सिंचाई की ज्यादा आवश्यकता रहती है । लखना निवासी किसान विनोद सिंह राजावत क हते हैं कि गेंहू की फसल खेतों से उठने के बाद अब खेतों में धान की नर्सरी डालने का समय चल रहा है ,नहर में पानी न होने से लोग धान की नर्सरी भी नही डाल पा रहे है।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें