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19 अक्तूबर, 2020|9:29|IST

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जंगल से शहर में आ गया लैपर्ड तो भेजा जाएगा सफारी

जंगल से शहर में आ गया लैपर्ड तो भेजा जाएगा सफारी

अब अगर जंगल से भागकर कोई लैपर्ड शहर में आ गया तो उसे रेस्क्यू करके सीधे इटावा सफारी में भेजा जाएगा। इसके लिए इटावा सफारी में प्रदेश का पहला रेस्क्यू सेंटर बनाया जाएगा। इसकी डीपीआर तैयार करके शासन को भेज दी गई है। वहां से हरी झंडी मिलते ही कामकाज शुरू करा दिया जाएगा। इसके निर्माण कार्य में भी ज्यादा समय नहीं लगेगा। इसमें रेस्क्यू करके लाए गए लैपर्ड रखे जाएंगे और जरूरत के मुताबिक उनका उपचार भी किया जाएगा। इसके लिए सफारी के अंदर 6 हेक्टेयर जमीन चिन्हित कर ली गई है। इस पर 4 करोड़ 90 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।

यहां फिलहाल पांच सफारियां बनी हुई हैं, इनमें लैपर्ड सफारी भी शामिल है। अब लैपर्ड रेस्क्यू सेंटर भी बनाया जाएगा। इसके लिए प्रोजेक्ट तैयार कर लिया गया है। प्रदेश में अभी तक लैपर्ड रेस्क्यू सेंटर नहीं है। यह पहला सेंटर होगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों में आए दिन जंगल से लैपर्ड आ जाने की घटनाएं सुनने में आती हैं। इन्हें किसी तरह रेस्क्यू करके पकड़ लिया जाता है या ये लैपर्ड खुद जंगल की ओर वापस चले जाते हैं। लेकिन जो लैपर्ड पकड़े जाते हैं उन्हें कहां रखा जाए यह एक बड़ी समस्या है। फिलहाल तो इन्हें प्रदेश के जू में रख दिया जाता है। लेकिन रेस्क्यू किए गए लैपर्ड के लिए एक रेस्क्यू सेंटर की जरूरत काफी समय से चली आ रही थी। इसे ध्यान में रखकर वन विभाग ने इटावा सफारी में लैपर्ड रेस्क्यू सेंटर बनाए जाने का निर्णय लिया है। 350 हेक्टेयर में फैली सफारी में जगह की कोई कमी नहीं है। सफारी के अंदर ही 6 हेक्टेयर जगह में लैपर्ड रेस्क्यू सेंटर बनाया जाएगा। जहां लैपर्ड सफारी पहले ही बनाई जा चुकी है। इसमें फिलहाल तीन लैपर्ड हैं। अब रेस्क्यू सेंटर बन जाने के बाद प्रदेश के अन्य जिलों में भी जो लैपर्ड पकड़े जाएंगे उन्हें रेस्क्यू करके इसी सेंटर में रखा जाएगा।

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  • Web Title:Leopard will be sent from the forest to the city then safari will be sent