Etawah Auraiya News: ज्ञानचंद्र जैन वैद्य इंटर कॉलेज का नाम दोबारा बहाल करने की मांग
Etawah Auraiya News: ज्ञानचंद्र जैन वैद्य इंटर कॉलेज का नाम बहाल करने और प्रबंधन से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर जैन समाज ने प्रदर्शन किया। उन्होंने डीएम को प्रार्थना पत्र सौंपा। जैन समाज का कहना है कि यह शिक्षण संस्था उनकी पुरानी धरोहर है और उसका नाम बदला जाना सही नहीं है।

Etawah Auraiya News: इटावा। ज्ञानचंद्र जैन वैद्य इंटर कॉलेज का नाम पुनः बहाल किए जाने तथा विद्यालय प्रबंधन से जुड़े कथित गबन, निर्माण कार्यों में अनियमितताओं और संस्था की संपत्तियों से संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग को लेकर जैन समाज ने आवाज बुलंद की है। जैन समाज के पुरुषों महिलाओं और बच्चों ने प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। इस मामले को लेकर विद्यालय के संस्थापक एवं आजीवन सदस्य विमलेश जैन की ओर से डीएम शुभ्रान्त कुमार शुक्ल को प्रार्थना पत्र सौंपकर पूरे प्रकरण की पुनः निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। प्रार्थना पत्र में लिखा गया है कि इकदिल स्थित इस शिक्षण संस्था की स्थापना में जैन समाज के लालपुरा निवासी ज्ञानचंद्र जैन वैद्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वर्ष 1953 में ज्ञानचंद्र जैन वैद्य ने पर्याप्त धनराशि के साथ एक कीमती पक्का मकान विद्यालय को दान में दिया गया था। इसके बाद यह संस्था क्षेत्र में लंबे समय से शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बनी हुई है। शिकायतकर्ता विमलेश जैन ने स्वयं को विद्यालय का संस्थापक व आजीवन सदस्य बताते हुए संस्था की मूल पहचान और संपत्ति को लेकर चिंता जताई है। वहीं जैन समाज अध्यक्ष संजू जैन ने कहा कि विद्यालय का मूल नाम ज्ञानचंद्र जैन वैद्य इंटर कॉलेज इकदिल था, जिसे बाद में बदलकर हेमवती नंदन बहुगुणा इंटर कॉलेज इकदिल कर दिया गया। समाज की ओर से विद्यालय का मूल नाम पुनः बहाल किए जाने की मांग की जा रही है। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय का नाम बदलने के साथ हाईस्कूल स्तर के अनुदान को समाप्त करने तथा नई ट्रस्ट व्यवस्था तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। नसियां जी के महामंत्री धर्मेंद्र जैन ने शासन एवं प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करते हुए संस्था की मूल पहचान और संपत्ति को सुरक्षित रखने की मांग की है。
जांच की मांग
विश्व जैन संगठन के अध्यक्ष आकाशदीप जैन ने कहा कि अलग-अलग स्तर पर हुई जांचों के तथ्यों को सामने रखते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, जिससे वास्तविक स्थिति सामने आ सके।प्रार्थना पत्र में 30 मार्च 2025 को विद्या प्रसार सभा, इकदिल की बैठक में विद्यालय का नाम बदलने से संबंधित प्रस्ताव पारित किए जाने का उल्लेख किया गया है।
प्रदर्शन की भावना
विद्यालय के नाम और संस्था की पहचान को लेकर जैन समाज में आक्रोश भी देखने को मिला। जैन समाज की महिलाएं, पुरुष और बच्चे सड़कों पर उतरे और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने जैन समाज की धरोहर वापस दो और जैन समाज की धरोहर वापस दिलाई जाए जैसे नारे लगाए।समाज के लोगों का कहना था कि यह शिक्षण संस्था जैन समाज की वर्षों पुरानी धरोहर है और इसकी स्थापना में समाज के लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसलिए विद्यालय के नाम और संस्था से जुड़े किसी भी निर्णय से पहले समाज की भावनाओं और मूल दस्तावेजों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
सामाजिक सहयोग
प्रदर्शन के दौरान चंद्र प्रकाश जैन,जयप्रकाश जैन महावीर प्रसाद जैन सतेन्द्र जैन अनूप जैन अनिल जैन विमल किशोर जैन, समाचार पत्र विक्रेता के जिलाध्यक्ष विमल जैन,जितेंद्र कुमार जैन, दिलीप जैन, वैभव जैन सुनील जैन अरविन्द जैन नीरज जैन विनोद कुमार जैन शुभम जैन दिनेश जैन दीपक जैन अनूप जैन ताराचंद जैन रीतेश जैन बंटी अभय जैन सुभाष जैन विशाल जैन मोहित जैन सुबोध जैन आदेश जैन सोनू जैन पीयूष जैन शिवम् जैन राजेश जैन पूनम जैन सुंदर सागर लोकसभा,नीलम जैन सीमा जन मीना जैन मनोरमा जैन नगीना जैन अशोक जैन मिथिलेश जैन शोभा जैन सोनम जैन शालिनी जैन आशा जैन सहित बड़ी संख्यमें समाज के लोग मौजूद रहे।


