Etawah Auraiya News: अब डॉक्टर और इंजीनियर भी जांचेंगे विद्यालयों की व्यवस्था
Etawah Auraiya News: इटावा में जेन जी और जेन अल्फा की समस्याओं का तत्काल निस्तारण करने के लिए सभी विभागों के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। 25 अगस्त से विद्यालयों की व्यवस्था की जांच शुरू होगी। 1484 स्कूलों के लिए 167 अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। रिपोर्ट 1 सितंबर को दी जानी है।

Etawah Auraiya News: इटावा। जेन जी और जेन अल्फा की समस्याओं को सर्वोच्च वरीयता देते हुए इनकी समस्याओं के तत्काल निस्तारण के लिए कवायद शुरु कर दी गई है। इस कार्य के लिए सभी विभागों के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। स्थिति यह है कि डॉक्टर और इंजीनियरों की ड्यूटी भी इस कार्य के लिए लगाई गई है और वे भी अपने लिए आवंटित विद्यालयों में जाकर विद्यालयों की व्यवस्था जांचेंगे। यह अभियान 25 अगस्त से शुरू हो जाएगा। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 1484 विद्यालय हैं और इन विद्यालयों की स्थिति देखने के लिए 167 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
सभी को लगभग 10-10 विद्यालय दिए गए। इसके लिए शासन की ओर से कुछ पैरामीटर निर्धारित किए गए हैं और इन्ही पैरापमीटर्स के आधार पर विद्यालयों का निरीक्षण होगा। उसकी एक निर्धारित प्रारूप पर रिपोर्ट दी जाएगी। यह रिपोर्ट 1 सितंबर को दी जानी है। इस संबंध में जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में सोमवार की देर शाम एक बैठक भी हुई । इस बैठक में इन सभी अधिकारियों को बताया गया कि उन्हें किस तरह से विद्यालयों की व्यवस्था देखनी है और क्या कार्य करना है। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि किस तरह से रिपोर्ट दी जानी है । यह अधिकारी विद्यालयों में साफ सफाई के साथ ही पेयजल और इमारत की सुरक्षा की व्यवस्था भी देखेंगे।माध्यमिक शिक्षा विभाग की विद्यालयों में भी अधिकारी जाएंगे और इसके लिए 20 अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये अधिकारी अपने-अपने विद्यालयों में जाएंगे। माध्यमिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में भी सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जाएगा और जो कमियां मिलेगी उनके बारे में रिपोर्ट दी जाएगी । बाद में इन कमियों को दूर किया जाए। इस समय जेन जी और जेन अल्फा शासन का प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इस बात का प्रयास किया जा रहा है कि उनकी समस्याओं का समाधान हो। इन्हें कोई परेशानी ना हो। विद्यालयों के निरीक्षण के साथ ही मार्गदर्शन की व्यवस्था भी की गई है। संबंधित अधिकारी मार्गदर्शन देंगे। इसे लेकर आईएएस और पीसीएस अधिकारी इंटर कॉलेज में जाने भी लगे हैं।


