ईरान में फंसी इटावा की छात्रा, सकुशल वापसी के लिए परिवार कर रहा दुआ
Etawah-auraiya News - ईरान-इजराइल के बीच छिड़ी जंग ने ताजीम रजा के परिवार को चिंता में डाल दिया है। उनकी 18 वर्षीय बेटी वजूद जेहरा पांच महीने से ईरान में पढ़ाई कर रही है। परिवार सरकार से बेटी की सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहा है, जबकि जेहरा ने बताया कि कुम शहर में शांति है, लेकिन लोग दहशत में हैं।

ईरान- इजराइल के बीच छिड़ी असमय जंग ने शहर के मोहल्ला कटरा पुर्दल खां निवासी ताजीम रजा के परिवार की धड़कनें बढ़ा दी हंै। उनकी बेटी वजूद जेहरा ईरान में फंसी है। बेटी 18 साल की वजूद जेहरा पांच महीने पहले ही ईरान में मजहबी दीनी तालीम और फारसी की पढ़ाई के लिए गई थी। वह तेहरान से 150 किमी दूर कुम शहर में पढ़ाई कर रही है। वहां उसके साथ 30 भारतीय लड़कियां और हैं। दोनों देशों के बीच छिड़ी जंग की खबरों के बीच परिवार चिंता में है और फिलहाल बेटी की सकुशल वापसी की दुआएं कर रहा है।
रमजान के पावन महीने में परिवार सरकार से उम्मीद लगाये है कि जल्द से जल्द बच्ची को वापस लाया जाए। सोमवार को फोन पर जेहरा ने पिता से बातचीत की। उसने बताया कि तेहरान में युद्ध चल रहा है लेकिन कुम शहर में अभी शांति है वहां अभी युद्ध जैसे हालात नहीं हैं। लेकिन दहशत में यहां के लोग भी हैं। उसके पिता ताजीम रजा और दादा सलीम रजा को चिंता इस बात की है उसके पास खर्चे के पैसे खत्म हो रहे हैं। मदद किसी तरह से भेज नहीं पा रहे हैं। परिवार के लोग परेशान हैं और हर समय दुआ कर रहे हंै। पिता ताजीम रजा का कहना है उन्हें भारत सरकार से ही उम्मीद है कि बेटी की वतन वापसी कराए। पूरा परिवार बेटी की सुरक्षित वतन वापसी की उम्मीद लगाए बैठा हैं। उन्होंने बताया कि उनकी सोमवार को ही बेटी से फोन पर बात हुई है। जेहरा के पिता की बाजार में जनरल स्टोर की दुकान है।
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