विहसंत सागर महाराज का जसवंतनगर में हुआ मंगल प्रवेश

Mar 09, 2026 10:53 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, इटावा औरैया
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Etawah-auraiya News - गुरु विहसंत सागर का नगर में मंगल प्रवेश सोमवार को सुबह 8:30 बजे हुआ। जैन समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में सैमरा पहुंचे और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया। गुरुदेव ने प्रवचन में कहा कि रिश्ते स्वार्थ से जुड़े हैं, इसलिए आत्मकल्याण पर ध्यान देना चाहिए। जैतपुरा तीर्थ के लिए 11 दाताओं ने शिला राशि अर्पित की।

विहसंत सागर महाराज का जसवंतनगर में हुआ मंगल प्रवेश

गुरु विहसंत सागर का दो पीछी सहित का सोमवार को सुबह 8:30 बजे सैमरा से विहार करते हुए नगर में मंगल प्रवेश हुआ। गुरुदेव की मंगलमय अगवानी के लिए जैन समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में सैमरा पहुंचे और विहार कराते हुए ढोल-नगाड़ों के साथ उन्हें नगर में लाया गया। जैतपुरा में 15 मार्च को प्रस्तावित विहंसत सागर तीर्थधाम के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचने के लिए उनका पद विहार जारी है। सोमवार को वे जसवंतनगर पहुंचे। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में गुरुदेव के मंगलमय प्रवचन आयोजित हुए। प्रवचन में उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया में अधिकांश रिश्ते स्वार्थ से जुड़े हुए हैं, लेकिन मुनिराज बिना किसी स्वार्थ के समाज को धर्ममय जीवन जीने की शिक्षा देते हैं।

उन्होंने कहा कि भगवान के दर्शन करते समय अपनी आत्मा का दर्शन करना चाहिए, क्योंकि मानव जीवन बहुत अल्प समय के लिए मिला है। इसलिए दूसरों की कमियों को देखने के बजाय अपने आत्मकल्याण में समय लगाना चाहिए। जैतपुरा तीर्थ के लिए नगर के 11 दाताओं ने शिला राशि अर्पित की।

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