
इटावा में सवा लाख वसूला गया जुर्माना फिर भी जलाई जा रही पराली
Etawah-auraiya News - किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए जागरुक किया गया है, लेकिन फिर भी खेतों में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। 50 किसानों पर 1.25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है, फिर भी स्थिति नहीं सुधरी। मशीनों की कमी और अधिकारियों की लापरवाही से किसान खुलकर पराली जला रहे हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है।
खेतों में फसल की कटाई के बाद पराली ना जलाने के लिए किसानों को जागरुक किया गया है। यह व्यवस्था भी है कि पराली जलाने पर जुर्माना भी किया जाएगा। इसके बाद भी जिले में अलग अलग स्थानों पर फसल की कटाई के बाद खेतों में धड़ल्ले से पराली जलाई जा रही है। स्थिति यह है कि जिले में रोक के बाद भी पराली जलाने पर 50 किसानों पर एक लाख 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जा चुका है, इसके बाद भी पराली जलाए जाने की घटनाएं नहीं रुक रहीं हैं। ऐसा लगता है कि जागरुकता अभियानों का कोई असर नही हुआ और जुर्माना का डर भी पराली जलाने वाले किसानों को रोक नही सका है।
पराली जलाने से रोकने के लिए सरकार ने फसल अवशेष प्रबंधन के लिए काफी खर्चा भी किया है, इसके बावजूद हालात यह हैं कि किसान खुलेआम खेतों में पराली जला रहे हैं। बकेवर, ऊसराहार, ताखा क्षेत्र की ही बात करें तो इस क्षेत्र में नसीदीपुर, नसीरपुर बोझा, चिकनी और रमपुरा में इन दिनों शाम के समय खेतों पर पराली जलती हुई देखी जा सकती है। इससे क्षेत्र का वातावरण प्रदूषण से भर गया है और लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। इसका एक कारण यह भी बताया गया है कि पराली प्रबंधन मशीनें पर्याप्त संख्या में नहीं हैं और जो उपलब्ध हैं, वे किसानों तक समय पर नहीं पहुंच पातीं। इसके अलावा अधिकारियों की लापरवाही और निगरानी की कमजोर व्यवस्था से भी पराली जलाने वाले किसानों के हौसले बुलंद हैं।

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