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इटावा में बेमौसम बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता

इटावा में बेमौसम बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता

संक्षेप: Etawah-auraiya News - इटावा में सोमवार को मौसम अचानक बदल गया और हल्की बारिश शुरू हुई। किसानों की फसल धान और बाजरा कटाई के लिए तैयार है, लेकिन बारिश से फसल के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। किसान चिंता में हैं कि तेज बारिश...

Tue, 28 Oct 2025 12:05 AMNewswrap हिन्दुस्तान, इटावा औरैया
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इटावा। सोमवार को मौसम ने अचानक पलटा खाया। सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे और सुबह के 11 बजते बजते हल्की बारिश शुरु हो गई। हालांकि शहरी क्षेत्र की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश कम हुई है लेकिन इस बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों की मेहनत से तैयार की गई फसल पर खतरा मंडराने लगा है। धान और बाजरा की फसल खेतों में पककर तैयार हो रही है ऐसे में यदि झमाझम बारिश हो गई तो खेतों में तैयार फसल पूरी तरह नष्ट हो जाएगी और किसानों की 6 महीने की मेहनत पर पानी फिर जाएगा।

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ऐसे में किसान यही दुआ कर रहे हैं कि झमाझम बारिश ना हो ताकि उनकी फसल कटकर घर पहुंच जाए। सोमवार सुबह मौसम ने करवट ली। बादलों की दस्तक के बीच बकेवर क्षेत्र के कई इलाकों में पूरे दिन रिमझिम बारिश हुई। बकेवर में दोपहर 12 बजे तक आसमान बादलों से घिरा रहा। बदलते मौसम के इस मिजाज ने जहां ठंडक बढ़ा दी वहीं दोपहर 12 बजे के बाद से हल्की बारिश की फुहार शुरु हुई जो कि देरशाम तक जारी रही। इससे किसानों की चिंता भी गहरा गई है।इस समय खेतों में धान की फसल पककर कटाई के लिए तैयार है। ऐसे में लगातार बादल छाए रहने और बूंदाबांदी के चलते फसल के भीगने और खराब होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों ने बताया कि बारिश अगर तेज हुई तो खेतों में खड़ी फसल गिर सकती है। जिससे उत्पादन पर असर पड़ेगा। धान का रंग भी काला पड़ जाएगा। इससे उपज का वाजिब दाम भी नहीं मिल पाएगा। अगले एक-दो दिन हल्की बारिश या बादल छाए रहने की संभावना बनी हुई है। इसी तरह भरथना क्षेत्र में सोमवार को हुई हल्की बूंदाबांदी ने किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ा दी। मौसम के अचानक बदले मिजाज से नवीन क्रषि उत्पादन मंडी समिति परिसर भरथना में खुले में रखे धान के ढेर भीगने की आशंका से किसान परेशान हो उठे। जैसे ही बारिश के आसार दिखे, व्यापारी और किसान तेजी से तिरपाल व पन्नियां डालकर अपने अनाज को ढकने में जुट गए। मंडी में खुले में रखे धान के भीगने की आशंका पिछले कई दिनों से धान की आवक लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते मंडी परिसर के अधिकांश हिस्सों में किसानों ने धान की बोरियां और खुले ढेर जमा कर रखे हैं। अचानक हुई बारिश से मंडी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। किसान अपने-अपने ढेरों की ओर दौड़ पड़े और किसी ने पन्नी तो किसी ने तिरपाल डालकर अनाज को भीगने से बचाने की कोशिश की। किसानों का कहना है कि मौसम पूर्वानुमान को देखते हुए मंडी में स्थायी तिरपाल या शेड की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की जानी चाहिए। किसान रघुवीर सिंह चांदपुर, रामकिशोर असफपुर ने कहा कि हर साल इस मौसम में बारिश से अनाज को नुकसान होता है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।