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इटावा औरैया

अब नहीं लगते शहीदों की चिताओं पर मेले

हिन्दुस्तान टीम,इटावा औरैयाPublished By: Newswrap
Tue, 27 Jul 2021 05:12 AM
अब नहीं लगते शहीदों की चिताओं पर मेले

उदी/चकरनगर। संवाददाता

कहते हैं शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले लेकिन कारगिल शहीदों को लोग भूलते चले जा रहे हैं। उनकी प्रतिमाओं को कारगिल विजय दिवस पर एक फूल भी नसीब नहीं हुआ। जिले के पछाय गांव के रहने वाले मनोज कुमार शर्मा कारगिल युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए थे । पूरे देश ने उनकी बहादुरी को नमन किया था । युद्ध के बाद उनके गांव में मनोज कुमार शर्मा की प्रतिमा स्थापित की गई थी। यह प्रतिमा अभी भी लगी है लेकिन स्थिति यह है कि कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कोई भी इस प्रतिमा पर दोपहर तक माल्यार्पण करने नहीं पहुंचा और कोई कार्यक्रम भी नहीं हुआ । दोपहर के समय युवा समाजसेवी अभय भदोरिया ने प्रतिमा पर पहुंचकर माल्यार्पण किया । शहीद मनोज कुमार शर्मा का परिवार अब इस गांव में नहीं रहता है और दूसरे लोगों ने इस बात की चिंता नहीं की कारगिल विजय दिवस पर शहीद की प्रतिमा पर दो फूल ही अर्पित कर दिए जाएं।

जिले के ही चकरनगर क्षेत्र के गांव बछेड़ी के रहने वाले जय नारायण त्रिपाठी भी कारगिल युद्ध में दुश्मनों से संघर्ष करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे । गांव बछेड़ी में जय नारायण त्रिपाठी की एक बड़ी प्रतिमा लगाई गई है। पिछले वर्षों में यहां लोग कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पहुंचकर माल्यार्पण करते रहे और वीर गाथा सुनाई जाती थी। इसके विपरीत इस बार सोमवार को कारगिल विजय दिवस के दिन कोई भी शहीद जय नारायण त्रिपाठी की प्रतिमा पर नहीं पहुंचा और उनकी प्रतिमा एक माला के लिए तरसती रही। शहीद जय नारायण त्रिपाठी का परिवार अब कानपुर में रहता है उनकी पत्नी एक पुत्र व एक पुत्री हैं जो गांव में ना रहकर कानपुर में रह रहे हैं। गांव वालों ने कारगिल विजय दिवस के दिन भी शहीद जय नारायण त्रिपाठी की सुध नहीं ली और उनकी प्रतिमा एक फूल के लिए तरसती रही कोई भी प्रतिमा पर नहीं पहुंचा।

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