
इटावा में चर्च निर्माण और धर्मांतरण के आरोप में अजब सिंह हिरासत में
Etawah-auraiya News - कन्नौज के करसाहा गांव में मतांतरण के आरोप में तीन लोगों की गिरफ्तारी के बाद अब बकेवर क्षेत्र के मिलक गांव के अजब सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया है। आरोप है कि अजब सिंह ने बिना अनुमति के चर्च का निर्माण किया और वहाँ प्रार्थना सभा आयोजित की। पुलिस उसके नेटवर्क की जांच कर रही है।
कन्नौज के करसाहा गांव में मतांतरण कराने के आरोप में तीन लोगों की गिरफ्तारी के बाद अब बकेवर थाना क्षेत्र के मिलक गांव निवासी अजब सिंह का नाम भी पुलिस जांच में सामने आया है। कन्नौज पुलिस ने अजब सिंह को हिरासत में ले लिया है। अजब सिंह पर आरोप है कि उसने बिना प्रशासनिक अनुमति अपने गांव में चर्च का निर्माण कराया था। इस चर्च में प्रत्येक रविवार और बुधवार को बाहर से आए पादरियों द्वारा प्रार्थना सभा आयोजित की जाती है। अजब सिंह ने लगभग एक दशक पूर्व अपने गांव में बिना प्रशासनिक अनुमति के चर्च का निर्माण कराया था।

इसके संचालन की जिम्मेदारी उसके 75 वर्षीय पिता हरीराम और भाई दरोगा सिंह करते हैं। इस चर्च में नियमित तौर पर रविवार और बुधवार को बाहर से आए पादरी प्रार्थना सभा आयोजित करते हैं। मंगलवार को मिलक गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था। वहीं, चर्च खुला पड़ा था, जिससे ग्रामीणों को अजब सिंह के कथित गतिविधियों का पता चला। जा रहा है कि मिलक सहित क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों में कुछ परिवार अपनी पारंपरिक पूजा पद्धति छोड़कर ईसाई धर्म को अपना चुके हैं। यह नियमित गतिविधियां चर्च में आयोजित प्रार्थना सभाओं के माध्यम से होती हैं। कन्नौज पुलिस ने सोमवार को अजब सिंह को हिरासत में लिया। उसके पकड़े जाने की खबर मिलते ही उसका परिवार और चर्च भूमिगत हो गया। कहा जा रहा है कि भय के चलते चर्च के मुख्य दरवाजे को बंद करना भी वे भूल गए। पुलिस लगातार आसपास के गांवों में छानबीन कर रही है ताकि अजब सिंह के नेटवर्क से जुड़े लोगों का पता लगाया जा सके। अजब सिंह के मामले में भी पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या यह गतिविधियां केवल धार्मिक आस्था पर आधारित थीं या इसमें प्रत्यक्ष रूप से मतांतरण कराया गया। अजब सिंह ईसाई मिशनरी से जुड़ा हुआ है और पिछले पांच वर्षों से इटावा और औरैया के ग्रामीण क्षेत्रों में मिशनरी प्रचार-प्रसार कर रहा है। 2022 में अजब सिंह ने गिरफ्तार हुए मतांतरण कराने वाले आरोपी विद्यासागर को पादरी बनाने के लिए मेरठ ले जाने का भी प्रयास किया था। 2021 में पादरी की हुई थी गिरफ्तारी बकेवर पुलिस ने पहले इस तरह की गतिविधियों पर कार्रवाई की है। सितंबर 2021 में पादरी श्याम सुंदर को गिरफ्तार किया गया था। उस पर आरोप था कि उसने लोगों का धर्म परिवर्तन कराया या कराने का प्रयास किया। पुलिस को श्याम सुंदर के पास बाइबिल और प्रचार सामग्री भी मिली थी। हालांकि आरोपी ने कथित धर्म परिवर्तन कराने की बात से इंकार किया था। पुलिस जांच में यह सामने आया कि श्याम सुंदर ने कस्बा लखना के ईकरी तिराहा के पास किराए के मकान में तीन सालों से परिवार समेत रहकर गिरजाघर में प्रार्थना की थी। बकेवर थाने में एक संगठन के सदस्य धीरज तिवारी ने श्याम सुंदर पर तुर्कपुर गांव के अशोक कुशवाहा को 2020 में ईसाई धर्म में शामिल कराने का आरोप लगाया था। पुलिस ने उसकी तहरीर के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को जेल भेज दिया था।

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