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इटावा औरैया

यमुना नदी का अस्तित्व व जीव जंतुओं को बचाने को घाट पर शुरू की सफाई

हिन्दुस्तान टीम,इटावा औरैयाPublished By: Newswrap
Sat, 29 May 2021 11:32 PM
यमुना नदी का अस्तित्व व जीव जंतुओं को बचाने को घाट पर शुरू की सफाई

लखना। संवाददाता

11 युवाओं की टोली ने शनिवार से क्षेत्र के यमुना नदी के डिभौली घाट पर सफाई का अभियान शुरू किया। एक महीने में कोरोना संक्रमण से हुई लोगों की मौत के बाद परिजनों ने यमुना घाट पर शवों का दाह संस्कार किया, इससे घाट पर गंदगी का ढ़ेर लगा था। युवाओं ने क्षेत्र के लोगों से भी मिलकर अपने आसपास के घाटों की सफाई का संदेश भी दिया।

कोरोना संक्रमण के चलते जहां लोग अपने घरों में निकलने से भी बच रहे हैं वहीं क्षेत्र के युवाओं ने अनूठी पहल की है। 11 युवाओं ने आपसा में बातचीत करके एक टोली बनाई और शनिवार की दोपहर में यमुना नदी के डिभौली घाट पर फाबड़ा, झाड़ू आदि लेकर सफाई करने में जुट गए। सफाई को आगे आने वाले संजय त्रिपाठी गगन ने बताया कि एक महीने में सौ से अधिक लोगों का दाह संस्कार इस घाट पर किया गया, इससे घाट पर बहुत गंदगी हो गई थी। बरसात होने पर घाट पर पसरी गंदगी पानी के साथ बहकर नदी में जाती तो पानी को प्रदूषित करती। इससे यमुना नदी में रहने वाले जीव जंतुओं को भी खतरा होता। इसी के चलते सफाई की शुरुआत की गई है। बताया कि सफाई का ये सिलसिला चलता रहेगा। घाट की सफाई करने पहुंचे संजय पंसारी ने बताया कि उन लोगों ने कई लोगों से अपने अपने इलाके के घाटों की सफाई करने का आह्वान किया है। युवा हर रोज क्षेत्र में जाकर लोगों से सफाई की अपील भी करेंगे। इस सफाई अभियान में पुनीष पोरवाल, मिश्रा गुट के व्यापार मंडल के लखना नगर अध्यक्ष लकी जौहरी, किशन जी पोरवाल, अर्पित पोरवाल, लकी किशोर पोरवाल, मोनू पोरवाल, आलोक पोरवाल, सर्वेश राठौर, गोपाल राठौर आदि थे।

नदी के अस्तित्व को बचाना है चुनौती

लखना। यमुना घाट की सफाई करने वाले युवाओं ने कहा कि जिस प्रकार से नदियों के घाटों पर गंदगी व्याप्त है, उससे घाट का अस्तित्व तो समाप्त होगा ही। साथ ही नदियों का अस्तित्व बचाना भी मुश्किल हो जाएगा। युवाओं ने राजनैतिक दलों को सलाह दी है कि वे अपने एजेंडे में नदियों की सफाई को शामिल करें और घाटों को सुंदर बनाएं। इससे नदियां ठीक बनीं रहेंगीं और नदियों में रहने वाले जीव जंतुओं को भी खतरा नहीं रहेगा।

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