इटावा में हुआ ब्लैक आउट, सायरन की आवाज के साथ सभी हुए सतर्क

Jan 23, 2026 08:40 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, इटावा औरैया
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Etawah-auraiya News - युद्ध की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इटावा जिले में शाम 6 बजे से 15 मिनट का ब्लैक आउट किया गया। नागरिकों को सतर्क रहने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई। इस दौरान पुलिस, एनसीसी, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस कर्मचारियों ने मॉक ड्रिल में भाग लिया। कुछ स्थानों पर ब्लैक आउट का असर नहीं दिखा।

इटावा में हुआ ब्लैक आउट, सायरन की आवाज के साथ सभी हुए सतर्क

युद्ध की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जिले में शाम 6 बजे से 15 मिनट का ब्लैक आउट किया गया। इस दौरान नागरिकों को सतर्क रहने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई। ब्लैक आउट के दौरान इटावा शहर के प्रमुख शास्त्री चौराहे पर नागरिक सुरक्षा विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से एक विशेष आयोजन किया गया। शाम 6 बजते ही तेज सायरन की आवाज के साथ बिजली आपूर्ति बंद कर दी गयीं। पलक झपकते ही पुलिस, एनसीसी के जवान, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस कर्मचारी, पूर्व सैनिकों ने अपनी अपनी जगह ली। सभी को निर्देश दिया गया कि सायरन की लंबी आवाज के साथ जो जहाँ हैं वहीं जमीन पर लेट जाएंगे और अपने कानों को बंद कर लेंगे।

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चौराहे के हर तरफ लोगों की बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गई जो जहां था वहीं थम गया। डीएम समेत जिले के सभी प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। शाम 6 बजे से पहले ही शहर के व्यस्ततम शास्त्री चौराहे पर एसडीआरएफ, पुलिस, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड के साथ बड़ी संख्या में एनसीसी के कैडेट्स व पुलिस के जवानों की चहल कदमी बढ़ने लगी थी। डीएम शुभ्रान्त कुमार शुक्ल के साथ सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र बहादुर समेत पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में यहां मौजूद रहे। इस दौरान एक लंबे सायरन ने सभी को जमीन पर बैठने के लिए मजबूर कर दिया। तकरीबन एक मिनट बाद एक रिलीफ सायरन ने एम्बुलेंस, पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के सायरन की आवाज के साथ शोरगुल शुरू हुआ। जिसमें घायल पड़े लोगों को एंबुलेंस में ले जाया गया। मुख्य चौराहे पर ट्रैफिक रुकने से हर तरफ गाड़ियों की लंबी कतार जुट गई हालांकि निर्देश मिलने पर जो जहां था वहीं बिना हॉर्न बजाए अपनी जगह पर रुक गया क्योंकि आम जनता और ट्रैफिक को किसी भी तरीके से अवस्थित न करते हुए मॉक ड्रिल में चुलिंदा वालंटियर को ही शामिल किया गया था। जिनमें भूतपूर्व सैनिक, एनसीसी के जवान, पुलिस व सिविल डिफेंस से जुड़े लोग शामिल थे। कुछ जगहों पर नहीं दिखा असर, चलती रहीं गाड़ियां और लोग प्रशासनिक मॉक ड्रिल व ब्लैकआउट को लेकर जिस प्रकार की तैयारी की गई थी उसके बावजूद पूरे शहर क्षेत्र में इसका असर नहीं दिखा कई जगहों पर न सिर्फ स्ट्रीट लाइट जल रही थी बल्कि लोग अपनी गाड़ी की लाइट आदि व घरों में इनवर्टर का प्रयोग करते रहे इसलिए पूर्ण रूप से ब्लैक आउट नहीं हो सका, हालांकि शास्त्री चौराहा और उसके आसपास पूरी तरीके से अंधेरा छाया रहा। यहां सड़क पर गुजरने वाली गाड़ियों की लाइट भी बंद कर दी गई थी। लिहाजा जो जहां था वहीं थम गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने नागरिक सुरक्षा व आपदा प्रबंधन विभाग को जरूरी तैयारी के साथ स्थानीय स्तर पर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।

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