भाजपा मंडल अध्यक्ष पर जानलेवा हमला, 15 दिन बाद दर्ज हुआ मुकदमा
ऊसराहार में भाजपा अध्यक्ष दीपक नंदन जाटव ने आरोप लगाया है कि उनके जानलेवा हमले का प्रयास किया गया था। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, लेकिन कार्रवाई में देरी हुई। जाटव ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने उनके गले में रस्सी डाली और अपमानित किया। इससे पहले भी उन्हें धमकियाँ दी गई थीं।

ऊसराहार। ताखा मंडल के भाजपा अध्यक्ष दीपक नंदन जाटव ने आरोप लगाया है कि उन्हें घेरकर गले में रस्सी का फंदा डालकर जान से मारने की कोशिश की गई। घटना की सूचना तत्काल थाना पुलिस को देने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। बाद में एसएसपी के निर्देश पर घटना के करीब 15 दिन बाद पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
हमले की स्थिति
ताखा मंडल अध्यक्ष दीपक नंदन जाटव ने बताया कि चार जून को भी कुछ लोगों ने गांव के पास उन्हें घेरने का प्रयास किया था। इसके अगले दिन पांच जून को वह ऊसराहार क्षेत्र के मुर्चा के पास स्थित अपनी जमीन देखकर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान आरोप है कि सपा की पूर्व ब्लॉक प्रमुख मीरा यादव के पति रामपाल सिंह यादव अपने तीन-चार अज्ञात साथियों के साथ कोल्ड स्टोर के निकट पहुंचे और उन्हें घेर लिया। जिस स्थान पर उनकी बाउंड्रीवॉल तोड़ी गई थी, उसी जगह आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि हमलावरों ने अचानक उनके गले में रस्सी का फंदा डालकर खींचना शुरू कर दिया, जिससे उनकी जान लेने का प्रयास किया गया। जब उन्होंने खुद को बचाने की कोशिश की तो आरोपितों ने उनकी कनपटी पर तमंचा तान दिया और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
चीख-पुकार सुनकर वहां से गुजर रहे राहगीर मौके की ओर दौड़े और शोर मचाया। लोगों को आता देख हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग गए। इस घटना से एक दिन पहले भी जयनारायण, प्रिंस यादव और शिवप्रताप सिंह ने रास्ता रोककर गाली-गलौज की थी और उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। पीड़ित का कहना है कि पांच जून को हुए हमले के संबंध में उन्होंने उसी दिन थाना पुलिस को सूचना दी थी, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई। एसएसपी के निर्देश के बाद मामले में कार्रवाई संभव हो सकी।
पुलिस की कार्रवाई
थानाध्यक्ष बलराज भाटी ने बताया कि घटना वाले दिन उन्हें कोई सूचना नहीं मिली थी। शनिवार को मिली तहरीर के आधार पर रामपाल सिंह यादव, जयनारायण यादव, प्रिंस यादव, शिवप्रताप सिंह तथा चार अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला, एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच सीओ भरथना को सौंपी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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बाउंड्रीवॉल गिराने और कब्जे की शिकायत के बाद बढ़ा तनाव
भूमि विवाद की पृष्ठभूमि
बताया जाता है कि कुछ दिन पहले दीपक नंदन जाटव ने अपने पिता की जमीन पर बनी बाउंड्रीवॉल गिराए जाने के मामले में भी रामपाल सिंह यादव समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके अलावा उन्होंने ऊसराहार स्थित रामपाल सिंह यादव के कोल्ड स्टोर के आसपास चरागाह और गौचर की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत प्रशासन से की थी। प्रशासनिक जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद राजस्व विभाग और प्रशासन की ओर से बुलडोजर कार्रवाई की गई थी। इस कार्रवाई के दौरान कोल्ड स्टोर के आसपास बनी बाउंड्रीवॉल का एक बड़ा हिस्सा ध्वस्त कर दिया गया था। माना जा रहा है कि इसी विवाद के चलते दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था।
सामान्य प्रश्न
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