विवेचनाओं को समयबद्ध निस्तारण करने को प्रशिक्षण
पुलिस लाइन के बहुउददेशीय हॉल में विवेचकों को महिला अपराधों के विवेचना संबंधी प्रशिक्षण दिया गया। एएसपी श्वेताभ पाण्डेय ने सभी थानों के प्रभारी निरीक्षकों को दिशा-निर्देश दिए। बलात्संग जैसे जघन्य अपराधों की विवेचना में सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइंस और फोरेंसिक साक्ष्य संकलन का पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई।

पुलिस लाइन के बहुउददेशीय हॉल में विवेचकों को महिला सम्बन्धी गंभीर प्रकृति के अपराधों के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। विवेचना में एसओपी एवं विधिक प्रावधानों के कड़ाई से अनुपालन के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। एएसपी श्वेताभ पाण्डेय की ओर से समस्त थानों पर नियुक्त प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष एवं विवेचकों को निर्देशित किया गया तथा पीपीटी के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। महिला सम्बन्धी अपराधों, विशेषकर बलात्संग जैसे जघन्य अपराधों की विवेचना के दौरान निम्नलिखित दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। महिला सम्बन्धी अपराधों में पीड़िता के बयान दर्ज करते समय माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं डीजीपी मुख्यालय की ओर से जारी गाइडलाइंस का पूर्णतः पालन किया जाए।
फोरेंसिक साक्ष्य संकलन करने के लिए गंभीर अपराधों की विवेचना में घटनास्थल से साक्ष्य संकलन के लिए अनिवार्य रूप से फोरेंसिक टीम की सहायता ली जाए। उन्होंने कहा कि गंभीर महिला अपराधों में पीड़िता की चिकित्सा रिपोर्ट अधिकतम 7 दिवस के अंदर प्राप्त करते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध विवेचना पूर्ण कर आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया जाए। विलंब के लिए विवेचक का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा।
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