
घर में इकलौती थी हिमानी, मुनेन्द्र चार भाइयों में था सबसे छोटा
Etah News - हिमानी इकलौती बेटी थी और मुनेन्द्र की चचेरी बहन। मुनेन्द्र, जो पढ़ाई में होशियार था, ने आत्महत्या कर ली। पिता ने बताया कि बेटे की पढ़ाई के लिए वह चौकीदार का काम कर रहे थे। मुनेन्द्र की मौत के बाद परिवार टूट चुका है। गांव में किसी विवाद की जानकारी नहीं है।
हिमानी घर में इकलौती थी और लाड़ली भी थी। इनका एक भाई है। इनके पिता मनोज जिरसमी पुल पर दुकान करते हैं। सुबह दुकान पर चले जाते है। पिता ने बताया कि दुकान पर जाने से पहले बिटियां ही खाना लाकर देती थी। कोई ऐसी बात नहीं थी, जिसे बिटियां छिपाती हो। कभी भी बेटी को डांटा भी नहीं था। ग्रामीणों की माने तो हिमानी घर से बाहर भी नहीं निकलती थी। ज्यादातर घर में ही रहती थी। मुनेन्द्र घर में सबसे छोटे थे। इनसे बड़े तीन भाई और भी है। सबसे बड़े भाई सतेन्द्र, नीतू साबुन, सर्फ बेचने का काम करते हैं तो वहीं तीसरे नंबर का भाई रतनेश लखनऊ में सौर्य ऊर्जा प्लेट लगाने का काम करते हैं।
जानकारी मिलते ही वह भी घर आने के लिए निकल चुका है। पिता राजपाल को बेटा मुनेन्द्र से काफी उम्मीद थी। बेटा पढ़ने में काफी होशियार था। पढ़ाई में मन लगने के कारण पिता भी पढ़ाना चाहते थे। बेटे के पढ़ाई के खर्च पूरे करने के लिए पिता राजपाल ने गांव सरनऊ स्थित भटठा पर चौकीदार करने लगे थे। बेटे की पढ़ाई के लिए रुपये आ सके। पिता ने बताया कि बेटे कुछ दिनों से रुपये मांग रहा था जिसे देने के लिए पिता ने आश्वासन दिया था। बेटे की मौत के बाद वह पूरी तरह से टूट चुके है। कोचिंग करके नहीं आया था मुनेन्द्र, गमी की बात कहते लौट आया था घर मुनेन्द्र दो कोचिंग करता था। सुबह छह बजे घर से निकल जाता था और दोपहर बारह बजे ही घर पर पहुंचता था। मंगलवार को एक ही कोचिंग करके आया था सुबह दस बजे घर पहुंच गया था। बरामदा में मां, भाभी पूड़ी और तिल के लड्डू बना रहीं थी। घर पहुंचने पर मुनेन्द्र ने खाने के लिए लड्डू लिए और कमरे चला गया था। उसके बाद से वह बाहर नहीं आया था। दरवाजा खोलने पर शव लटका मिला था। बेटे की आत्महत्या के बाद पिता ने शिक्षक को कॉल करके पूछा। बताया कि मुनेन्द्र एक ही कोचिंग पढ़कर चला गया था और दूसरी कोचिंग की कहने पर बताया था कि उसे गमी में जाना है। रिश्तेदारी में कहीं मौत हो गई। इतना कहने के बाद चला गया था। दोस्तों से बात की। दोस्तों ने बताया कि कोचिंग के दौरान किसी से कोई झगड़ा भी नहीं हुआ था। मुनेन्द्र एक मोबाइल भी साथ रखते थे। हालांकि उसमें कोई विवादित कॉल नहीं मिली है। मुनेन्द्र की आत्महत्या की बात सुनकर दोस्त भी चौंक गए। दोस्तों की मानें तो कोई ऐसा विवाद नहीं था। पोस्टमार्टम कराने से पहले से किया था मना घरवाले कोई कार्रवाई नहीं चाहते थे। पुलिस को सूचना भी नहीं दी थी। पीआई के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली थी जिसके बाद पुलिस गांव में पहुंची। पुलिस के समझाने के बाद मान गए थे पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए थे। बताया जा रहा है कि पहले स्वास्थ्य विभाग को छत से गिरने की मौत की जानकाी दी थी। मुनेन्द्र की चचेरी बहन थी हिमानी मुनेन्द्र के पिता राजपाल ने बताया कि हिमानी भतीजी लगती थी। मुनेन्द्र की चचेरी बहन थी। हालांकि घर पर काफी कम ही आना-जाना था। राजपाल की माने तो आत्महत्या को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं है।

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