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21 अक्तूबर, 2020|7:37|IST

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बाजारों में उमड़ती भीड़ से संक्रमण का खतरा

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कोरोना की रोकथाम को लेकर बीते 25 मार्च से 31 मई तक लॉकडाउन होने के वावजूद लोगों में अभी भी जागरूकता का अभाव दिखायी पड़ रहा है। गुरूवार से बाजार खुलने के साथ ही बाजारों, बैंक आदि सरकारी तथा गैर सरकारी कार्यालयों पर लोगों की भीड़ भाड़ दिनभर बनी रही। इस दौरान सोशल डिस्टेसिंग की पूरी तरह से धज्जियां उड़ाई गयी। परिणाम स्वरूप बाजार खुलने के पहले दिन ही लॉकडाउन मखौल बन गया।

बीते 25 मार्च से 31 मई तक लगभग 70 दिन तक कस्बा बन्द रहने के बाद गुरुवार को समूचा बाजार खुला। बाजार खुलते ही पहले दिन नगर में भारी भरकम भीड़भाड़ का आलम रहा। नगर के मुख्य बाजार में पूरे दिन जाम जैसी स्थिति बनी रही। इससे बाजार के अन्दर होकर दो पहिया वाहनो का निकला दुश्वार हो गया।

नगर के लोगो में सोशल डिस्टेसिंग को लेकर अभी भी जागरूकता नहीं दिख रही थी। एक-एक दुकान पर दर्जनों लोगो भीड़ देखने को मिली तथा ज्यादातर लोगों के मुंह पर मास्क भी नहीं था। नगर के बड़ा बाजार, नाला बाजार, मण्डी जवाहरगंज, गॉधी चौक, आगरा चौराहा, निधौली चौराहा के अलावा भारतीय स्टेट बैक मुख्य शाखा, केनरा बैक शाखा, आर्यावर्त बैंक मुख्य शाखा तथा सहित कई सरकारी संस्थानों पर लोगों की भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।

इन स्थानों पर सुबह से लेकर शाम तक लोगों का जमावाड़ा रहता है। स्थिति इतनी बदतर हो जाती है कि लोग एक दूसरे को ऊपर गिर पड़ते हैं।

गुरुवार को केनरा बैंक शाखा प्रबन्धक ने बताया कि बैक में ज्यादातर भीड़ 500 तथा 1000 रुपये निकालने वाले जनधन खाता धारकों तथा उज्ज्वला गैस उपभोक्ताओं की रहती है। जो आये दिन बैंक शाखा पर सुबह से लेकर शाम तक जमे रहते हैं। ऐसी स्थिति में काफी कहने सुनने के बावजूद उपभोक्ता टस से मस नहीं होते हैं। उन्होंने बताया कि सोसल डिस्टेंसिंग को लेकर किये जाने वाले हर उपाय नाकाम सावित हो रहे है। पुलिस व्यवस्था न होने से बैंक ग्राहको के साथ सख्ती से निपटने में अक्षम है। वहीं नगर के दुकानदारों द्वारा भी सोशल डिस्टेसिंग का पालन नही किया जा रहा है। दुकानों के सामने न तो कोई गोले बनाये हैं और न ही बैरीकेडिंग। जिससे ग्राहक बेधड़क दुकान के अन्दर तक घुस जाते हैं।

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  • Web Title:Threat of infection due to overcrowding in markets