जिले में गर्मी का सितम बरकरार, 43.5 डिग्री तक पहुंचा पारा, सड़कों पर सन्नाटा
जिले में भीषण गर्मी और लू का सितम जारी है। दिन और रात दोनों समय लोग तपिश से परेशान हैं। सोमवार को अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की चेतावनी दी है।

जिले में भीषण गर्मी और लू का सितम लगातार बरकरार है। सूर्यदेव के तीखे तेवरों ने जनमानस का जीना मुहाल कर दिया है। स्थिति यह है कि अब दिन के साथ-साथ रात के समय भी लोग उमस और तपिश से बेहाल हैं। दोपहर के समय हाल ऐसा था कि जैसे सड़कों पर आसमान के आग के गोले बरस रहे हो। सबसे अधिक परेशानी पुलिस परीक्षा दे रहे परीक्षार्थियों को हुई। सोमवार को सुबह नौ बजते ही तेज धूप ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। दोपहर होते-होते आसमान से बरसती आग और थपेड़े मारती गर्म हवाओं के कारण लोगों का घर से सड़कों पर निकलना दूभर हो गया। राहगीर और दोपहिया वाहन चालक चेहरे और सिर को सूती कपड़े से ढककर निकलते नजर आए। भीषण गर्मी और उमस के कारण दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक शहर के प्रमुख मार्गों और बाजारों में रौनक गायब दिखी। व्यापारिक प्रतिष्ठानों और दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा, लोग केवल बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। सोमवार को मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए पूर्वानुमान ने जिले के लोगों की चिंता और बढ़ा दी है.
मौसम वैज्ञानिकों का अलर्ट
मौसम वैज्ञानिकों ने अलर्ट जारी किया है कि कि आगामी 11 जून तक तापमान में और बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। आने वाले तीन से चार दिनों में एटा का अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की पूरी आशंका है। इसके चलते प्रशासन ने भी लोगों को दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। दोपहर के समय उन सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा जहां पर हर समय जाम की स्थति रहती है.
43.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा शहर का तापमान
सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 43.5 और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान उच्च स्तर पर रहने के कारण रात में भी गर्म हवाएं चलती रही। उससे लोग पसीने से तर-बतर बने रहे.
गर्मी से राहत पाने के उपाय
गर्मी से राहत पाने के लिए लोग गन्ने का रस, शिकंजी, लस्सी और बेल के शर्बत के ठेलों पर भीड़ लगा रहे हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में उल्टी, दस्त, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। चिकित्सकों सलाह है की शरीर में पानी की कमी न होने दें। तेज धूप में निकलने से पहले भरपूर पानी, छाछ या ओआरएस का घोल पीकर ही निकलें। शरीर को पूरी तरह ढकने वाले हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और आंखों पर धूप का चश्मा जरूर लगाएं। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सीधी धूप में जाने से बचें.
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