
कोहरा और बर्फीली हवाओं से कांप गई रूह, 5 डिग्री पहुंचा पारा
Etah News - सर्दी का सितम और सर्द हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। बुधवार सुबह की शुरुआत घने कोहरे की चादर के साथ हुई।
सर्दी का सितम और सर्द हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। बुधवार सुबह की शुरुआत घने कोहरे की चादर के साथ हुई, तो दोपहर बाद कोहरा छंटने पर 24 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली पहाड़ी बर्फीली हवाओं ने हड्डियां कंपा दीं। लगातार आठवें दिन सूर्य देव के दर्शन न होने और काले बादलों के कारण पूरा जिला शीतलहर की चपेट में रहा। बर्फीली हवाओं से जिले के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को अधिकतम तापमान मात्र 14 डिग्री और न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। गलन इतनी अधिक रही कि लोग घरों के भीतर भी कांपते नजर आए।
शीतलहर के चलते शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लोग दिन भर अलाव और हीटर के सामने ही बैठे रहे। ठंड की सबसे अधिक मार बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रही है, जिससे स्वास्थ्य केंद्रों पर सर्दी-जुकाम के मरीजों की भीड़ बढ़ गई। बीते आठ दिनों से धूप न निकलने के कारण कृषि क्षेत्र पर संकट के बादल गहरा गए। लगातार गलन और ओस के कारण आलू, मटर, टमाटर और सरसों की फसलों पर तुसार (पाले) की मार पड़नी शुरू हो गई है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम जल्द साफ नहीं हुआ, तो सरसों की फली और आलू की फसल झुलस जाएगी, जिससे भारी आर्थिक नुकसान होगा। इतना ही नहीं जानलेवा ठंड ने बेजुबान पशुओं को भी अपनी चपेट में ले लिया है। ग्रामीण अंचलों में पालतू और दुधारू जानवर निमोनिया और ठंड से संबंधित अन्य बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। वहीं ठंड का असर आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ा है। बाजारों से रौनक गायब हो गई है और व्यापारी शाम ढलने से पहले ही दुकानें समेटने को मजबूर हैं। अलाव और हीटर ही एकमात्र सहारा बुधवार को शहर से लेकर देहात तक लोग ठंड से बचने के लिए अलाव और हीटर के सामने बैठकर दिन गुजारते देखे गए। स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि इस मौसम में गर्म तासीर वाली चीजों का सेवन करें और बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें।

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