
हाड़ कंपाने वाली ठंड ने तोड़ा रिकॉर्ड, कोहरे की सफेद चादर में सिमटा एटा
Etah News - साल के अंतिम दिन एटा जनपद में ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोहरे के कारण दृश्यता शून्य मीटर रही, जिससे सड़क पर वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव और गर्म खाद्य पदार्थों का सहारा ले रहे हैं।
साल के अंतिम दिन जनपद में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। बुधवार को एटा में सर्दी ने पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। बर्फीली हवाओं और गलन के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर रहे, वहीं कोहरे की स्थिति यह रही कि सुबह 10 बजे तक दृश्यता (विजिबिलिटी) शून्य मीटर दर्ज की गई। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 20 डिग्री तक लुढ़कर कुल 15 और न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। दिनभर सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए और पूरा जनपद कोहरे की मोटी चादर से ढका रहा।
इस गलन भरी सर्दी का सबसे बुरा प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार चल रहे लोगों पर देखने को मिल रहा है। अस्पतालों में सांस और सर्दी-जुकाम के रोगियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। ठंड से बचने के लिए शहर से लेकर देहात तक लोग अलाव और भारी ऊनी कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। साथ ही गर्म खाद्य एवं पेय पदार्थों का सेवक कर ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे है। बाजारों में भी सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं। खतरे में वाहन चालक, मार्गों पर रेडियम मार्किंग और दिशा सूचकों का अभाव कोहरे के इस मौसम में जिले के राज्य मार्गों पर सफर करना जोखिम भरा साबित हो रहा है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों की सबसे बड़ी शिकायत मार्गों पर रेडियम दिशा सूचकों कम और न होना है। सिंगल लेन मार्गों और उनके तीव्र मोड़ों पर कोई चेतावनी बोर्ड या रेडियम मार्किंग नहीं है। दृश्यता कम होने के कारण इन मोड़ों पर वाहनों के टकराने या सड़क से नीचे उतरने का डर बना हुआ है। अधिकांश राज्य मार्गों पर मार्किंग न होने से रात के समय वाहन चालकों को सड़क की चौड़ाई का अंदाजा नहीं मिल पा रहा है। वाहन मार्गों पर दुर्घटना ग्रस्त होते-होते बच रहे है। सर्वाधिक समस्या आगरा रोड, अलीगंज रोड, निधौली रोड और शिकोहाबाद रोड पर हो रही है। शून्य दृश्यता से सड़कों पर थमे वाहनों के चक्के जिले में बीती मंगलवार की रात से ही कोहरे का तांडव शुरू हो गया। बुधवार सुबह 10 बजे तक स्थिति यह थी कि हाथ को हाथ नहीं सूझ रहा था। घने कोहरे के कारण दिल्ली-कानपुर नेशनल हाईवे समेत जिले के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार पूरी तरह थम गई। ट्रक और बसें सड़कों के किनारे खड़े होकर कोहरा छंटने का इंतजार करते दिखे।

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