साइटो पैथोलॉजी में प्रतिमाह हो रही 100 से 150 जांच, सरवाइकल की सर्वाधिक

Jan 20, 2026 10:28 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, एटा
share Share
Follow Us on

Etah News - मेडिकल कॉलेज के साइटो पैथोलॉजी विभाग में हर महीने 100 से 150 मरीज जांच के लिए पहुंच रहे हैं। सर्वाइकल कैंसर की जांच सबसे अधिक हो रही है। डा. अंशिका शर्मा के अनुसार, साइटोपैथोलॉजी कैंसर, ट्यूमर और संक्रमण के निदान में सहायक होती है। विभिन्न तरल पदार्थों की जांच के लिए कई प्रकार की जांचें की जा रही हैं।

साइटो पैथोलॉजी में प्रतिमाह हो रही 100 से 150 जांच, सरवाइकल की सर्वाधिक

मेडिकल कालेज में संचालित साइटो पैथोलॉजी में सर्वाधिक सर्वाइकल कैंसर, थॉयराइड, फेफड़ों पानी भरने की जांच कराने को मरीज पहुंच रहे है। पैथोलॉजी में प्रतिमाह 100 से 150 मरीज जांच कराने पहुंच रहे है। जिसमें सर्वाधिक जांच सर्वाइकल कैंसर की हो रही है। मेडिकल कालेज की अलग-अलग ओपीडी से जांच के लिए चिकित्सक परामर्श दे रहे हैं। साइटो पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डा. अंशिका शर्मा ने बताया कि साइटोपैथोलॉजी पैथोलॉजी की वह शाखा है। इसमें कोशिकाओं का अध्ययन करके बीमारियों विशेषकर कैंसर, ट्यूमर और संक्रमण का निदान किया जाता है। उन्होंने बताया कि पैथोलॉजी में मुख्यत: एफएनएसी सबसे आम जांच है, जिसमें एक पतली सुई का उपयोग करके शरीर के किसी हिस्से की गांठ जैसे थायराइड, ब्रेस्ट, लिम्फ नोड से कोशिकाएं निकालकर जांच की जाती है।

पैप स्मीयर में महिलाओं में गर्भाशय के कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए यह सबसे प्रमुख है। द्रव साइटोलॉजी से शरीर के विभिन्न हिस्सों में जमा तरल की जांच की जाती है। विभागाध्यक्ष ने बताया कि प्लेउरल फ्लूइड जांच से फेफड़ों के आस-पास का तरल की जानकारी की जाती है। पेरिटोनियल फ्लूइड, एसाइटिक फ्लूइड से पेट में जमा पानी की जांच होती है। पेरिकार्डियल फ्लूइड हृदय के पास का तरल की जांच, मूत्र साइटोलॉजी से मूत्र पथ, मूत्राशय के कैंसर का पता लगाने के लिए जांच होती है। बलगम, थूक की जांच फेफड़ों में कैंसर या संक्रमण का पता लगाने के लिए होती है। थॉयराइड साइटोलॉजी से थायराइड में गांठों का मूल्यांकन किया जाता है। स्किन स्क्रैपिंग से त्वचा के घावों से होने वाले स्राव की जांच होती है। उन्होंने बताया कि दो माह में पैथोलॉजी में सरवाइकल कैंसर की 145, एफएनएसी से 145 जांच की गई हैं। साइटोपैथोलॉजी में जांच से जल्द होती है जांच विभागाध्यक्ष डा. अंकिता शर्मा ने बताया कि साइटों पैथोलॉजी में कैंसर का जल्द पता लगाए जाने के लिए स्क्रीनिंग, गांठ, ट्यूमर के कैंसरयुक्त, सामान्य होने की पहचान करने के लिए जांच होती है। संक्रमण का जल्द पता लगाने को जांच की जा सकती है।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

;;
;