
मेडिकल कालेज में रोगी रजिस्ट्रेशन केन्द्र पर भीड़, ओपीडी में मरीजों का टोटा
Etah News - मेडिकल कॉलेज में रोगियों को उपचार के लिए पंजीकरण कराने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। अब रोगियों को आभा आईडी पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद ही उन्हें रोगी पर्चा के लिए टोकन नंबर मिलेगा। स्मार्टफोन न होने पर पर्चा बनवाना मुश्किल है। इसके लिए प्रशासन ने स्टाफ की नियुक्ति की है।
मेडिकल कालेज में उपचार कराने आने वाले रोगियों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। उपचार लेने के लिए मरीज, तीमारदारों के रोगी रजिस्ट्रेशन केन्द्र में पंजीकरण कराने में पसीने छूट रहे हैं। रोगी पर्चा बनवाने के लिए मरीजों का ऑनलाइन आभा आईडी पर रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा। इसके बाद ऑनलाइन टोकन नंबर मिलने बाद रोगी पर्चा लेने के लिए लंबी लाइन में लगना होगा। मेडिकल कालेज में इससे पूर्व रोगी पर्चा बनवाने के लिए मरीजों को आधार कार्ड आने की बाध्यता थी। इसके आधार पर रोगी पंजीकरण केन्द्र से उनको पर्चा मिलता था। इस दौरान भी आधा से एक घंटा मरीजों, तीमारदारों को रोगी पर्चा लेने में समय लगता था।
केन्द्र पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए मेडिकल कालेज प्रशासन ने रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है। रोगी पर्चा बनवाने के लिए अब मरीज, तीमारदारों को मोबाइल पर अपनी आभा आईडी बनानी होगी। इस पर मरीज का पूरा डाटा फीड़ करने के बाद ऑनलाइन करना होगा। उसके बाद मरीज के मोबाइल पर सत्यापन के लिए ओटीपी आएगा। ओटीपी डालने के बाद मरीज के मोबाइल पर ही रोगी पर्चा के लिए टोकन नंबर दिया जाएगा। मेडिकल कालेज में उपचार लेने को आभा आईडी जरूरी मेडिकल कालेज में नई रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करने के लिए मरीज, तीमारदार के पास स्मार्ट फोन होना जरूरी है। जिस पर वह अपनी आभा आईडी तैयार कर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकेगा। रोगी के पास स्मार्ट फोन न होने की दशा में उसका रोगी पर्चा बनना काफी मुश्किल है। इसके लिए वह अन्य मरीजों से गुहार लगाकर उनकी आईडी पर रजिस्ट्रेशन कराने इधर से उधर टहलते हुए आसानी से देखे जा सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया समझाने लगाया आधा दर्जन स्टाफ मेडिकल कालेज प्रशासन ने नई रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया मरीज, तीमारदारों को समझाने के लिए आधा दर्जन स्टाफ लगा रखा है। इसके अलावा मरीजों को जागरूक करने के लिए बड़े-बड़े बोर्ड लगाए गए हैं। जिन पर आभा आईडी पर किस तरह रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। क्यूआर कोर्ड से स्केन कर मरीज अपना डाटा उसमें दर्ज कर टोकन नंबर प्राप्त कर सकते हैं।

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