कैलाशगंज तालाब की झाड़ियों में भीषण आग, सैकड़ों बेजुबानों की मौत

Apr 10, 2026 05:37 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, एटा
share

Etah News - शुक्रवार को मोहल्ला कैलाशगंज में राजा के तालाब की झाड़ियों में भीषण आग लग गई। आग के कारण सैकड़ों पक्षी और जल जीव जलकर मर गए। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन नाकाम रहे। अग्निशमन विभाग ने एक घंटे में आग पर काबू पाया। पिछले साल भी ऐसी घटना हुई थी, लेकिन प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाए।

कैलाशगंज तालाब की झाड़ियों में भीषण आग, सैकड़ों बेजुबानों की मौत

शुक्रवार को शहर के मोहल्ला कैलाशगंज स्थित राजा के विशाल तालाब की झाड़ियों में भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते झाड़ियों में रहने वाले सैकड़ों पक्षी और जलीय जीव जलकर मर गए। कैलाशगंज स्थित कैलाश मंदिर सामने बने राजा के ताल की झाड़ियों में करीब दोपहर दो बजे के करीब भीषण आग लग गई। तालाब के चारों ओर बसी घनी बस्ती के निवासियों में हड़कंप और अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। झांड़ियों में लगी आग की लपटें इतनी तेज थीं कि तालाब के चारों और बने मकानों तक आग की तपिश पहुंच गई। इसे देख हुए स्थानीय लोगों ने अपने घरों की सबमर्सिबल पंप चलाकर पाइपों के जरिए आग पर पानी डालना शुरू किया।

हालांकि हवा के चलते आग की लपटें इतनी विकराल हो गई कि स्थानीय लोगों के प्रयास नाकाफी साबित हुए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तालाब की झाड़ियों में बड़ी संख्या में अनेकों पक्षियों के घोंसले थे। आग लगने के कारण उड़ने में असमर्थ पक्षियों के बच्चे और तालाब वाले जलीय जीव जिंदा जल गए।लोगों की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया, तब जाकर मोहल्ले के लोगों ने राहत की सांस ली। फिलहाल आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन अंदेशा जताया जा रहा है कि किसी ने तालाब के बाहर पड़े कूड़े में आग लगा दी थी, जिसकी चिंगारी के कारण तालाब की झाड़ियों में आग लग गई और एक गर्मी के दिनों में शहर के अंदर भीषण हादसा होने से टल गया।पिछले साल भी झाड़ियों में लगी आग से नहीं लिया सबककैलाशगंज तालाब की झाड़ियों में पिछले साल भी गर्मी के दिनों में भीषण आग लगी थी, उस दौरान भी आग के कारण तालाब में सैकड़ों पक्षियों की मौत हो गई थी और तालाब के चारों ओर बसी आबादी के लोगों को जान माल का खतरा बन गया था। उसके बाद भी संबंधित विभाग या जिला प्रशासन ने न तो तालाब की सफाई कराई और ना ही अन्य कोई इंतजाम किए।खत्ताघर बन गया है राजा का शानदार तालाबशंकरगढ़ किला के राजा दिलसुख राय बहादुर द्वारा वर्ष 1867 में वाराणसी के गंगा घाटों की तर्ज पर बनवाए गए लाल पत्थर के तालाब का सौंदर्यीकरण तो दूर उसे स्थानीय लोगों ने जानवरों का तबेला और कूड़ा डालने वाला खत्ताघर बना दिया है। इसमें आए दिन स्थानीय लोग आग लगाकर स्वयं के साथ समूचे कॉलोनी के लिए परेशानी और खतरा पैदा कर रहे हैं। कैलाश मंदिर के महंत धीरेंद्र कुमार झा समेत कैलाशगंज के अन्य लोग मंदिर के प्राचीन तालाब की सफाई एवं सौंदर्यीकरण कराने के साथ तालाब को पर्यटक स्थल बनाए जाने की मांग कर चुके हैं।

Voice of UP 🎤: यूपी का सबसे बड़ा Talent Contest— Register करो, talent दिखाओ ✨ Download App
Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।