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कॉलेजों में नहीं सैनेटरी नैपकिन बनाने की मशीन

कॉलेजों में नहीं सैनेटरी नैपकिन बनाने की मशीन

संक्षेप:

Etah News - शहर के सभी डिग्री और गर्ल्स कॉलेज में सैनेटरी नैपकिन बनाने और नष्ट करने की मशीन नहीं है। कॉलेजों में सैनेटरी नैपकिन की उपलब्धता स्वास्थ्य विभाग द्वारा सुनिश्चित की जाती है, और बच्चियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाता है। कई विद्यालयों में सैनेटरी नैपकिन की व्यवस्था खराब मशीनों के कारण प्रभावित है।

Jan 30, 2026 11:57 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, एटा
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शहर के किसी भी डिग्री, गर्ल्स कॉलेज में सैनेटरी नैपकिन बनाने, नष्ट करने की मशीन नहीं है। बालिकाओं के तीन इंटर कालेज और एक डिग्री कालेज संचालित हो रहा है। जहां पर बच्चियों को जरूरत पड़ने पर सैनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराने की जानकारी शिक्षण संस्थान के प्राचार्य एवं प्रधानाचार्य ने दी है। बस स्कूलों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चियों को जागरूक करने एवं सैनेटरी नैपकिन उपलब्धता सुनिश्चित करायी जा रही है। जवाहर लाल नेहरू डिग्री कालेज में बालक-बालिकाओं की संयुक्त कक्षाएं संचालित होती हैं। कालेज प्राचार्य बीबीएस प्रतिहार ने बताया कि उनके यहां सैनेटरी नैपकिन बनाने की मशीन नहीं है।

बच्चियों को जरूरत पड़ने पर कालेज प्रशासन की ओर से सैनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराये जाते हैं। इसी प्रकार महारानी लक्ष्मीबाई बालिका इंटर कालेज की प्रधानाचार्य प्रतीक्षा राजपूत ने बताया कि उनके कॉलेज में कभी भी सैनेटरी नैपकिन बनाने की मशीन नहीं रही है। न ही इनको नष्ट करने की कोई व्यवस्था है। उपयोग लाये गए नैपकिन को डस्टबिन में डाला जाता है। महीने-दो महीने में स्वास्थ्य विभाग से टीम कॉलेज में आती है। टीम बच्चियों को हाईजीन के प्रति जागरूकत करती है। उनकी समस्याओं को सुनकर निराकरण करती है। टीम की ओर से ही बच्चियों की संख्या के अनुसार सैनेटरी नैपकिन कॉलेज को दिये जाते हैं। दो दिन पूर्व ही टीम ने विद्यालय में पहुंचकर उपलब्धता सुनिश्चित करायी है। राजकीय बालिका इंटर कालेज एटा की प्रधानाचार्या नीतू सिंह ने बताया कि सैनेटरी नैपकिन बनाने की मशीन उनके यहां कभी नहीं रही। स्कूल में सैनेटरी नैपकिन नष्ट करने के लिए लगी मशीन भी वर्तमान में खराब पड़ी है। स्कूल में सैनेटरी नैपकिन की उपलब्धता स्वास्थ्य विभाग की ओर से करायी जाती है। प्रिंटिस गर्ल्स इंटर कालेज की प्रधानाचार्या अर्चना चरण ने बताया कि कॉलेज में सैनेटरी नैपकिन बनाने की मशीन नहीं है। इनको नष्ट करने की व्यवस्था कॉलेज में है। उन्होंने बताया कि छात्र संख्या के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से विद्यालय को सैनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाते हैं। साथ ही बच्चियों को जागरूक किया जाता है। जनपद में एक गर्ल्स डिग्री कॉलेज-आठ इंटर कालेज संचालित डीआईओएस ने बताया कि जनपद में छह राजकीय बालिका विद्यालय एटा, जलेसर, मनगर, बाकलपुर, लालगढ़ी और राजा का रामपुर में संचालित हो रहे हैं। एटा में दो सहायता प्राप्त महारानी लक्ष्मीबाई बालिका इंटर कालेज एटा, प्रिंटिस गर्ल्स इंटर कालेज एटा संचालित हो रहे हैं। जलेसर में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय है। इन गर्ल्स डिग्री कालेज और इंटर कालेज में कहीं पर भी सैनेटरी नैपकिन बनाने की मशीन नहीं लगी है। गर्ल्स इंटर कालेज में सैनेटरी बनाने की मशीन नहीं है। इन विद्यालयों में नष्ट करने के मशीन लगी हुई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर निशुल्क सैनेटरी नैपकिन उपलब्ध करायी जाती है। न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने का प्रयास करेंगे।-डा. इंद्रजीत सिंह, डीआईओएस, एटा।

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