
उत्तम क्षमा धर्म के साथ आज से शुरू हुए पयुर्षण महापर्व
Etah News - जैन धर्म का अति पावन पयुर्पण पर्व बुधवार को प्रारंभ होने जा रहा है। सभी जिनालयों और चैत्यालयों में साज सजावट कर पूजा-पाठ की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पहले दिन अनुयायी उत्तम क्षमा धर्म का पालन...
जैन धर्म में अति पावन माने जाने वाले दस दिवसीय पयुर्पण पर्व प्रारंभ होने से एक दिन पहले बुधवार को शहर के सभी जिनालयों, चैत्यालयों में साज सजावट के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन एवं पूजा-पाठ संबंधी तैयारियां पूरी कर ली गई। जैन धर्म के अनुयायी गुरुवार को पहले दिन उत्तम क्षमा धर्म का पालन कर सभी 24 तीर्थंकर भगवान की पूजा-अर्चना करेगें। बुधवार को शहर के पुरानी बस्ती स्थित पद्मावती पुरवाल पंचायत बड़े जैन मंदिर समेत सभी जिनालयों और चैत्यालयों को आकर्षक रंगीन लाइटों से सजाया कर तैयार कर लिया गया। साथ ही पयुर्षण महापर्व के चलते दसों दिनों तक मंदिरों में होने वाले कार्यक्रमों की भी तैयारियां की गई।

दिगंबर जैन समिति के अनुसार पयुर्षण पर्व 28 अगस्त से प्रारंभ होकर 08 सितंबर तक मनाए जाएंगे। गुरुवार को पहले दिन जैन धर्म के अनुयायी उत्तम क्षमा धर्म का पालन करेंगे। श्रावक, श्राविकाएं प्रात: काल जिनालयों और चैत्यालयों में पहुंच जैन साधु संतों के सानिध्य में जैन शास्त्रों का पाठ करते हुए सभी 24 तीर्थंकर भगवान एवं गुरुजनों की विधान पूर्वक पूजा-अर्चना करेंगे। इसके साथ ही जिनालयों में विराजमान साधु एवं साध्वी प्रवचन सुनाकर आत्मा ज्ञान कराएंगे। शहर के इन जिनालयों में उमड़ेगा श्रद्धा का सैलाब शहर के पुरानी बस्ती स्थित पद्मावती पुरवाल पंचायत बड़े जैन मंदिर के अलावा प्रेम नगर स्थित नसिया जी जिनालय, ठंडी सड़क स्थित जिनालय, जीटी रोड स्थित जिनालय, जैन गली स्थित चैत्यालय आदि मंदिरों में भगवान की विशेष स्तुति उपासना की जाएगी। दस दिन होगा इन सभी धर्मों का पालन जैन धर्म के अनुयायी समाज प्रथम दिन उत्तम क्षमा, दूसरे दिन उत्तम मार्दव, तीसरे दिन उत्तम आर्जव, चौथे दिन उत्तम शौच, पांचवें दिन उत्तम सत्य, छठे दिन उत्तम संयम, सातवें दिन उत्तम तप, आठवें दिन उत्तम त्याग, नौवें दिन उत्तम आकिंचन तथा दसवें दिन ब्रह्मचर्य धर्म का पालन करेंगे। जबकि अंतिम दिन क्षमावाणी पर्व के रूप में मनाया जाएगा।

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