मंगलवार को रहेगी स्नान दान पूर्णिमा, बुधवार को खेली जाएगी होली
Etah News - एटा में इस साल होलिका दहन 02 मार्च को होगा। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, भद्रा और चंद्रग्रहण के चलते एक घंटे का शुभ मुहूर्त मिल रहा है। 02 और 03 मार्च की रात को 01 घंटा 12 मिनट का समय होलिका दहन के लिए उपयुक्त होगा। रंगभरी होली 04 मार्च को मनाई जाएगी।

एटा, फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन किया जाता है। लेकिन बार इस बार भद्रा और चंद्रग्रहण के कारण होलिका दहन कब और कैसे होगा। इसके बारे में बता दें कि इस बार होलिका दहन के लिए एक घंटे का मुहूर्त मिल रहा है। इस मुहूर्त में होलिका दहन की पूजा फलदायी रहेगी। सोमवार को ज्योतिषाचार्य पंडित दुर्गेश शुक्ला ने बताया कि वाराणसी एवं ऋषिकेश पंचांग के अनुसार इस वर्ष होलिका पूजन एवं दहन 02 मार्च को किया जाना है। जबकि रंगभरी होली 04 मार्च दिन बुधवार को मनाई जाएगी। बीच का दिन 3 मार्च का खाली है, क्योंकि इस दिन चंद्रग्रहण पड़ रहा है।
02 और 03 मार्च की रात को 01 घंटा 12 मिनट का समय होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त होगा। 03 मार्च को स्नान-दान की पूर्णिमा रहेगी। जबकि मधुमास (चैत्र मास) में मनाई जाने वाली रंगभरी होली 04 मार्च दिन बुधवार को होगी। उन्होंने बताया कि पूर्णिमा की रात्रि में भद्रा हो तो उसके मुख भाग का त्याग कर पुंछ भाग में होलिका दहन करना चाहिए। 02 मार्च की रात और 03 मार्च को प्रात: भद्रा का पुंछ काल रात्रि 12 बजकर 50 मिनट से 02 बजकर 02 मिनट तक रहेगा। इस प्रकार भद्रा की पुंछ में ही होलिका दहन होना चाहिए। भद्रा की पुंछ में होलिका दहन का शुभ मुहूर्त एटा। 02 मार्च दिन सोमवार को सायं 5 बजकर 18 मिनट से लेकर 03 मार्च की प्रातः 4 बजकर 56 मिनट तक भद्रा का वास रहेगा। यानी 02 मार्च की संपूर्ण रात्रि में पूर्णिमा और भद्रा दोनों का संयोग रहेगा। रात को 12:50 का समय ऐसा होगा जब भद्रा पुंछ में जाएगी, इसी समय होलिका दहन हो सकता है।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



