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संविदा चिकित्सक-कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं ठप

संविदा चिकित्सक-कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं ठप

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी, टीवी कंट्रोल एम्प्लॉइज वेलफेयर एसोसिएशन की हड़ताल तीसरे दिन जारी रहने से जनपद में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी पर संविदा चिकित्सक, फार्मासिस्ट न होने से ओपीडी खाली पड़ी हैं। मरीजों की जांचों का कार्य भी बंद पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्र में चल रहे कार्यक्रम भी हड़ताल से प्रभावित हैं।

डीटीओ डॉ. सीएल यादव ने बताया कि हड़ताल के बावजूद जिला क्षयरोग केंद्र में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पुराने क्षयरोगियों को दवा देने का ही कार्य हो रहा है। उसके अलावा बलगम जांच, शासन को रिपोर्ट भेजना, निश्चय पोषण योजना के तहत डीवीटी का कार्य पूरी तरह से ठप है।

सीएमओ कार्यालय में चल रहे आयुष्मान भारत मिशन, खसरा-रुबेला टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्ण जांच एएनएम, स्टाफ नर्स के हड़ताल पर रहने से प्रभावित है। साथ ही डाटा एंट्री ऑपरेटर, डीसीपीएम, बीपीएम की गैरमौजूदगी में गांवों में भ्रमण कर स्वास्थ्य परीक्षण करने का कार्य प्रभावित हो रहा है। जिला चिकित्सालय में एनसीडी क्लीनिक, एनआरसी और आयुष विंग ओपीडी बंद है। जिला चिकित्सालय में संविदा चिकित्सकों हड़ताल पर रहने से स्वास्थ्य सेवाएं अत्यंत प्रभावित हैं।

जो संविदा कर्मियों के हित की बात करेगा,वही राज करेगा

हड़ताल पर बैठक संविदा चिकित्सक-कर्मचारियों ने नारे लगाए जो संविदा कर्मचारी के हित की बात करेगा, वहीं प्रदेश में राज करेगा। बुधवार को हड़ताल के दौरान अध्यक्ष डॉ. रविन्द्र चौहान, मंत्री अतुल भदौरिया, टीवी कंट्रोल एम्प्लॉइज वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह चौहान,आशीष पाराशरी, दिलीप कुमार, दिनेश कुमार, विपिन पाठक, विमल कुमार, दीपक जैन, सुनील कुमार, विक्रम प्रताप, डा. पंकज राठौर, डा. मनमोहन सिंह तोमर, डा. केके गुप्ता, अंकित राजपूत, शैलेष यादव, अजय यादव, डा. आकाश वर्मा, बिजेन्द्र कुमार वर्मा, विकेश खुराना, ब्रजेश कुमार, दिलीप कुमार, मुकेश कुमार, त्रिमल कुमार, आशीष शर्मा, रूबी, दुर्गेश बघेल, ममता, सुनीता, कुसुमलता, रीना राठौर, सुनीता यादव, वीना राजपूत सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।

संविदा चिकित्सक, कर्मचारियों, एएनएम, फार्मासिस्टों के हड़ताल पर रहने से स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण अभियान प्रभावित हैं। हड़ताली चिकित्सकों, कर्मचारियों से वार्ता की। शासन स्तर से पहल न होने के कारण वह अपनी मांगों के निस्तारण को डटे हुए हैं।

-डॉ. अजय अग्रवाल, सीएमओ, एटा।

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  • Web Title:Health services stalled by contractual-staff strike