धड़ल्ले से बिक रही प्रतिबंधित पॉलिथीन-डिस्पोजल, पालिका मौन

हिन्दुस्तान, एटा
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सरकार सिंगल-यूज प्लास्टिक और पॉलिथीन पर प्रतिबंध का दावा कर रही है, लेकिन शहर में इसका उल्लंघन हो रहा है। बाजारों और समारोहों में प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग हो रहा है। नगर पालिका की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है।

धड़ल्ले से बिक रही प्रतिबंधित पॉलिथीन-डिस्पोजल, पालिका मौन

सरकार भले ही सिंगल-यूज प्लास्टिक और पॉलिथीन को पूरी तरह प्रतिबंधित कर पर्यावरण संरक्षण के दावे कर रही हो, लेकिन शहर में इन दावों की हकीकत कोसों दूर है। शहर के बाजारों से लेकर शादी-समारोहों तक में प्रतिबंधित पॉलिथीन, प्लास्टिक और थर्माकॉल की प्लेटें, कटोरी, गिलास और चम्मच का उपयोग खुलेआम और धड़ल्ले से किया जा रहा है। जबकि नगर पालिका हाथ पर हाथ रखकर प्लास्टिक विरोधी अभियान कागजों चला रही है। शहर की सब्जी और फल मंडियों में बिना किसी डर के 50 माइक्रॉन से कम वाली पतली पॉलिथीन का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। मैरिज होम और पार्टियों में डस्टबिन की जगह सड़कों और नालों के किनारे थर्माकॉल की प्लेटों और गिलासों को डंप किया जा रहा है। नगर पालिका की भूमिका इस अभियान के नाम पर केवल कभी-कभार औपचारिकता पूरी कर रही है। प्रतिबंधित पॉलिथीन, डिस्पोजल के खिलाफ शहर के बाजारों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस कारण परचून एवं सब्जी विक्रेता उपभोक्ताओं को धड़ल्ले से प्रतिबंधित पॉलिथीन में सामान दे रहे हैं। इसके अलावा शराब की दुकानों के पास बनी कैंटीन और दुकानों पर सिंगल यूज गिलास की जमकर बिक्री हो रही है。

नाले, तालाबों में फेंकी जा रही प्रतिबंधित प्लास्टिक

प्रतिबंधित सिंगल-यूज प्लास्टिक शहर के नालों, तालाबों और खत्ताघरों में फेंके जा रहे हैं। वहीं समारोहों के बाद इस नॉन-बायोडिग्रेडेबल कचरे को खत्ताघरों के अलावा नालों के किनारे अंबार देखने को मिल रहा है। इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, बल्कि नालियां चोक होने से जलभराव की समस्या खड़ी हो रही है।

सुस्त पड़ी पालिका और प्रशासन, जागरूकता का सर्वनाश

नगर पालिका द्वारा पिछले लंबे समय से शहर में प्रतिबंधित पॉलिथीन के खिलाफ कोई बड़ा जब्तीकरण या जुर्माने का अभियान नहीं चलाया गया है। पालिका एवं प्रशासनिक सुस्ती के कारण दुकानदारों और थोक व्यापारियों के हौसले बुलंद हैं। इसके साथ ही आम जनता को कपड़े और जूट के थैलों का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने वाला कोई भी जागरूकता अभियान शहर में नजर नहीं आ रहा है।

शासनादेश के अनुसार अभियान

शासनादेश के अनुसार शहर में 21 जून तक नियमित सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान व्यावसायिक संस्थानों, मॉल, मार्केट, सब्जी मंडी, होल सेलर, स्ट्रीट वेंडर, सिनेमा हॉल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, होटल, रेस्टोरेंट, बस स्टेशन, औद्योगिक क्षेत्र आदि स्थानों पर व्यापाक रूप से चलाकर जुर्माना और जब्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।-राकेश कुमार गौरव, राजस्व निरीक्षक, नगर पालिका, एटा।

सामान्य प्रश्न

शहर में सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग कहां हो रहा है?
शहर के बाजारों से लेकर शादी-समारोहों तक में प्रतिबंधित पॉलिथीन, प्लास्टिक और थर्माकॉल की प्लेटें, कटोरी, गिलास और चम्मच का उपयोग खुलेआम और धड़ल्ले से किया जा रहा है।
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