
बेटों ने मां-बाप को घर से निकाला तो कोतवाल बने सहारा
Etah News - कलियुगी बेटों ने बुजुर्ग दंपति को घर से बेघर कर दिया। चार दिन तक सड़क पर सोने के बाद, दंपति न्याय की उम्मीद में कोतवाली पहुंचे। जलेसर के कोतवाल अमित कुमार ने उन्हें भोजन कराया और उनकी मदद का आश्वासन दिया। पुलिस ने बेटों को बुलाया, लेकिन वे भाग गए। बुजुर्ग दंपति को सुरक्षित घर भेजा गया।
कलियुगी बेटों ने बुढापे में मां-बाप का सहारा बनने के बजाए उन्हे घर से बेघर कर दिया। घर से बेघर किए गए बुजुर्ग दंपति के लिए जलेसर कोतवाल सहारा बने। दोनों को प्यार से थाने ले गए और सेवा करते हुए खाना खिलाया और हरसंभव मदद करने का वचन भी दिया। नगर के मोहल्ला महावीरगंज निवासी हरिशंकर मल्लाह, पत्नी कटोरी देवी के तीन लड़के है। हरिशंकर ने बच्चों को पढ़ा लिखा कर पैरों पर खड़ा किया। उनका एक बेटा किसी दूसरे नगर में रहकर कंपनी में कार्य करता है जबकि अन्य दोनों बेटे घर मे रहते हैं। बताया गया है कि चार दिन पूर्व दोनों पुत्रों ने मां-बाप को घर से निकाल दिया था।

चार दिन से भूखे पेट रहकर सड़क पर सो रहे थे। बुधवार को न्याय की आस में कोतवाली पहुंचे। जलेसर कोतवाली प्रभारी अमित कुमार को पूरी दास्तां बताई और बच्चों के करतूतों के बारे में भी बताया। कोतवाल ने सबसे पहले दोनों बुजुर्ग को अपने हाथों से भोजन कराया और फिर पुलिस भेज कर दोनों बेटों को बुलाया। पुलिस के पहुंचने पर दोनों बेटे घर छोड़कर भाग गए। कोतवाल अमित कुमार खुद मोहल्ला महावीरगंज पहुंचे और बुजुर्ग दंपति को लेकर उनके घर भिजवाया है। साथ ही पड़ोस में रहने वाले बुजुर्ग दंपति के सगे भतीजे मुकेश को जिम्मेदारी सौंपी है। बुजुर्ग दंपति को वचन दिया कि जब तक वह जलेसर में रहेगे और उन्हे कोई भी असुविधा नहीं होने देंगे।

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