एयरपोर्ट जेवर का नामकरण ऋषि दयानंद सरस्वती के नाम पर रखने की मांग
Etah News - जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डा. राकेश सक्सेना ने यमुना एक्सप्रेस-वे पर बन रहे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम ऋषि दयानंद सरस्वती एयरपोर्ट रखने की मांग की है। उन्होंने बताया कि स्वामी दयानंद ने वैदिक ज्ञान और विमान विद्या पर विचार किए थे, जो विज्ञान और तकनीक के संकेत देते हैं।

जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष एवं साहित्यकार डा.राकेश सक्सेना ने केन्द्र-प्रदेश सरकार से यमुना एक्सप्रेस-वे, गौतमबुद्धनगर जेवर में बन रहे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम ऋषि दयानंद सरस्वती एयरपोर्ट जेवर रखने को मांग की है। उन्होंने नामकरण की सार्थकता पर तर्क देते हुए कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने वैदिक ज्ञान की पुनर्स्थापना के प्रयास में अनेक विषयों पर विचार व्यक्त किए। जिनमें विमान विद्या का उल्लेख भी मिलता है। उनकी मान्यता थी कि वैदिक साहित्य केवल आध्यात्मिक ही नहीं अपितु उसमें विज्ञान और तकनीक से जुड़े अनेक संकेत भी समाहित हैं। डा.राकेश ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने अपने ग्रंथ ऋग्वेदादिभाष्य भूमिका एवं सत्यार्थ प्रकाश में यह विचार व्यक्त किया कि वेदों में वर्णित विमान केवल कल्पना नहीं, उन्नत यांत्रिक साधनों का संकेत है।
उनका मत था कि प्राचीन ऋषियों के पास प्रकृति और यांत्रिकी का गहरा ज्ञान था। आकाशयान की कल्पना केवल वैदिक साहित्य तक ही सीमित नहीं है। पुराणों और महाकाव्यों में भी इसका उल्लेख मिलता है। राम और रावण ने पुष्पक विमान उपयोग किए जाने की कथा सर्वविदित है। उन्होंने आग्रह करते हुए सरकार से विमान विद्या सम्बन्धी अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाने वाले ऋषि दयानंद सरस्वती के नाम पर जेवर हवाई अड्डे का नामकरण रखने का आग्रह किया है।
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