मनरेगा श्रमिकों की ई-केवाईसी में फिसड्डी ब्लॉकों के बीडीओ को नोटिस
Etah News - मनरेगा श्रमिकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया में धीमी प्रगति पर सीडीओ ने सभी बीडीओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिले में 93 हजार श्रमिकों में से केवल 49 हजार की ई-केवाईसी हुई है। 14 फरवरी तक 75 फीसदी लक्ष्य प्राप्त न करने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

मनरेगा श्रमिकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया की धीमी प्रगति पर सीडीओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिले के सभी आठ ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। जिले में मनरेगा के तहत पंजीकृत कुल 93 हजार श्रमिकों में से अब तक केवल 49 हजार श्रमिकों की ई-केवाईसी हो सकी है। शेष 44 हजार श्रमिक अभी भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं। शासन से मिले आंकड़ों की तुलना में एटा राज्य के औसत से भी पीछे चल रहा है। नई व्यवस्था के तहत अब श्रमिकों की हाजिरी तभी लग पाएगी, जब उनका आधार कार्ड के माध्यम से चेहरा प्रमाणीकरण पूरा हो जाएगा।
इस प्रक्रिया के बिना भविष्य में श्रमिकों को काम मिलने और मानदेय भुगतान में तकनीकी बाधाएं आ सकती हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर ई-केवाईसी की जिम्मेदारी रोजगार सेवकों और तकनीकी सहायकों को सौंपी गई है। सीडीओ ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा 14 फरवरी तक 75 फीसदी का लक्ष्य प्राप्त नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश स्तर पर ई-केवाईसी का औसत 64 फीसदी है, जबकि एटा में यह मात्र 52 फीसदी है। यह स्थिति अत्यंत निराशाजनक है। इस संबंध में जिले के सभी बीडीओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। 14 फरवरी तक प्रगति 75 फीसदी तक पहुंचने के निर्देश दिए गए है।--डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र, सीडीओ, एटा।

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