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24 सितम्बर, 2020|5:04|IST

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बुरी आदतों का परित्याग ही आर्जव धर्म

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पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन मंगलवार को जैन धर्म के अनुयायियों ने भगवान महावीर के बताए दस लक्षण में से तीसरे उत्तम आर्जव धर्म का पालन किया। श्रावक श्राविकाओं ने व्रत उपवास रख जिनालयों एवं घरों में भगवान महावीर का विधि-विधान से पूजन, अभिषेक किया।

पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन शहर के मोहल्ला पुरानी बस्ती स्थित पद्मावती पुरवाल पंचायत बडे जैन मंदिर, ठंडी सडक स्थित नेमिनाथ जिनालय, विजय नगर स्थित पटियावाला मंदिर, गली धानमील स्थित जैन मंदिर, कासंगज रोड स्थित वीर विमल अहिंसा स्थल, जीटी रोड स्थित गोटावाला मंदिर, प्रेम नगर स्थित नशियाजी मंदिर, मेहता पार्क रोड स्थित मोरध्वज मंदिर, शांतिनाथ जिनालय आदि शहर के सभी जैन मंदिरों में श्रावक श्राविकाओं ने प्रात: पांच बजे भगवान महावीर का पूजन एवं शांतिधारा अभिषेक किया। पर्यूषण पर्व के तीसरे धर्म उत्तम आर्जव की व्रत उपवास रख साधना की। शहर के सभी जैन मंदिरों में अभिषेक पूजन किया गया तथा श्रावक, श्राविकाओं ने शारीरिक दूरी बनाते हुए जाप अनुष्ठान किए।

कोरोना महामारी के चलते बड़े जैन मंदिर में पांच चरणों में श्रावकों से पूजा कराई गई। कोरोना महामारी के चलते इस बार जैन मुनि जैन मंदिरों में प्रवचन प्रवचन नहीं दे रहे है। इसके कारण जैन अनुयायियों ने मोबाइल एवं टीवी चैनलों के माध्यम से जैन आचार्यो के प्रवचन सुन दस लक्षण पर्व का पालन कर रहे है। मंगलवार को टीवी एवं सोशल मीडिया के माध्यम से जैन मुनि आचार्य विमर्श सागर महाराज एवं सुधा सागर महाराज ने प्रवचन देते हुए कहा कि आर्जव धर्म चाहिए तो खोजो कि आपके आगे कोई कौन चला रहा है। जैसे चेला के आगे गुरु, अगर आपके आगे चलने वाला मिल गया तो आपको चिंता करने या सोचने की जरूरत नहीं हैं। उन्होने कहा कि हम लोग भगवान या गुरु के समाने सरल हो जाते है, यदि हमे आर्जव धर्म चाहिए तो सबके सामने सरल हो जाओ।

भगवान-गुरु के समाने सरल एवं सज्जन हो जाते है। जिनके समाने जाते ही आपकी आत्मा कापती हो, वो पवित्र आत्मा चुनो जो आपको पसन्द हों।

सर्वज्ञानी, सर्वश्रेष्ठ, समर्थ आंख की खोज करो जो अच्छी आंख भगवान-गुरू को अपनी आंखें बना लो। मां-बाप से छल-कपट मायाचारी, बुराई मत करो। छुपाना, छुपाने से आपका आर्जव धर्म खत्म हो जायेगा। जैन मुनियों के प्रवचन के बाद दोपहर में तत्वार्थ सूत्र एवं जैन शास्त्रों का वाचन किया गया तथा संध्या को आरती की एवं भगवान का जाप किया गया। इस दौरान नाशिया जी मंदिर प्रबंधक कैलाश चंद्र जैन, विदित जैन, अर्पितराज जैन, गोटू जैन, पप्पू जैन, साक्षी जैन, रिया जैन, मोहिनी जैन, अनामिका जैन, रानू जैन, बंशी जैन, रोहित जैन आदि लोग मौजूद रहे।

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  • Web Title:Arjava religion is the abandonment of bad habits