
सांप को ही बंधक बनाकर अस्पताल पहुंचा ई-रिक्शा चालक, डॉक्टरों ने छोड़कर आने को कहा तो…
मथुरा में एक ई-रिक्शा चालक को सांप ने डंसा तो उसे मारने की जगह बंधक बनाकर अपने साथ अस्पताल ले आया। यहां डॉक्टर ने सांप को पहले कहीं छोड़कर आने को कहा तो उनसे भिड़ गया। फिर सड़क पर जाम लगा दिया। ट्रैफिक पुलिस आई तो उसे भी सांप निकालकर दिखा दिया।
कान्हा की नगरी मथुरा में अजब-गजब कारनामे देखने को मिलते ही रहते हैं। लेकिन जिला अस्पताल की इमरजेंसी में जो हुआ, उसने सबको दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। यहां एक ई-रिक्शा चालक को सांप ने क्या डसा, उसने बदला लेने के बजाय सांप को ही 'गिरफ्तार' कर लिया और उसे अपने जैकेट रखकर अस्पताल पहुंच गया। डॉक्टर के सामने सांप को निकाला तो उसका फन देख सभी के होश उड़ गए। डॉक्टर ने सांप को पहले कहीं छोड़कर आने को कहा तो बीच गुस्सा गया और बीच सड़क ई-रिक्शा खड़ा कर हंगामा मचा दिया। ट्रैफिक वाले ने भी हटने को कहा तो सांप निकालकर दिखा दिया। किसी तरह उसे समझाया जा सका।
महर्षि दयानंद सरस्वती जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सब कुछ सामान्य चल रहा था, तभी शिवाजी नगर निवासी दीपक (ई-रिक्शा चालक) की एंट्री हुई। दीपक ने अपने जैकेट के अंदर से एक सांप को निकाला और डॉक्टर से कहा कि इसी ने मुझे काटा है। ई-रिक्शा चालक के जैकेट से बाहर आते ही सांप ने फन काड़ लिया। इससे डॉक्टर समेत सभी लोगों में अफरातफरी मच गई।
दीपक ने बड़े ठाठ से डॉक्टर सुशील से कहा कि डॉक्टर साहब, इसने मुझे डंसा है, अब मेरा इलाज करो! डॉक्टर ने जब कहा कि इसे पहले कहीं छोड़ कर आओ तो उसने बड़ी मासूमियत से कहा कि ऐसे कैसे छोड़ दूँ? अभी मुझे डंसा है, बाहर छोड़ूंगा तो किसी और को डंस लेगा। जब तक मेरा इलाज नहीं होगा, ये मेरे साथ ही रहेगा! हंगामा बढ़ता देख पुलिस बुलानी पड़ गई। डॉक्टर ने भी सांप को कहीं छोड़े बिना इलाज से मना किया तो सड़क पर ई-रिक्शा खड़ी कर जाम लगा दिया। ट्रैफिक पुलिस ने वाले ने कारण पूछा और रिक्शा हटाने को कहा तो उसे भी सांप दिखाकर डरा दिया।
काफी मान-मनौव्वल के बाद एक डिब्बा मंगवाया गया और 'नागदेवता' को उसमें सम्मान के साथ नजरबंद किया गया, तब कहीं जाकर फार्मासिस्ट की जान में जान आई और दीपक को इंजेक्शन लगाया गया।
गजब दावा भी किया
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दीपक अपने जैकेट से सांप निकालकर ऐसे दिखा रहा है जैसे कोई नया मोबाइल फोन हो। दीपक का दावा है कि उस पर सांप-बिच्छू के जहर का कोई असर नहीं होता। वह तो बस एहतियात के तौर पर इंजेक्शन लगवाने आया था। उधर, डॉक्टर साहब का कहना है कि शायद सांप जहरीला नहीं था, वरना दीपक अब तक 'फन' फैलाने के लायक नहीं बचता।
जाम और ड्रामा
अस्पताल से निकलने के बाद भी दीपक का 'स्वैग' कम नहीं हुआ। कुछ देर के लिए तो सड़क पर मजमा लग गया और ट्रैफिक की रफ्तार थम गई। लोग इलाज से ज्यादा उस बहादुर ई-रिक्शा चालक को देखने में दिलचस्पी ले रहे थे, जिसने सांप को ही अस्पताल की सैर करा दी। फिलहाल, इंजेक्शन लगवाकर दीपक तो घर चला गया, लेकिन अस्पताल का स्टाफ अब भी गले में 'ठंडक' महसूस कर रहा है!

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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