Hindi NewsUP NewsEncephalitis wreaks havoc in Uttar Pradesh again, with the deaths of a brother and sister on the same day causing panic
यूपी में फिर दिमागी बुखार का कहर, इस जिले में एक ही दिन सगे भाई-बहन दोनों की मौत से खलबली

यूपी में फिर दिमागी बुखार का कहर, इस जिले में एक ही दिन सगे भाई-बहन दोनों की मौत से खलबली

संक्षेप:

कभी गोरखपुर और आसपास के जिलों में दिमागी बुखार में जबरदस्त हमला कर रखा था। पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी के बाद इस पर काबू पाने का दावा किया गया। अब एक बार फिर एक साथ दो मासूमों पर दिमागी बुखार ने कहर बरपाया है।

Mon, 3 Nov 2025 08:39 AMYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान, कुंडा/बाघराय (प्रतापगढ़), संवाददाता
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यूपी में एक बार फिर दिमागी बुखार का कहर देखने को मिला है। प्रतापगढ़ में हफ्तेभर से बुखार से पीड़ित मासूम भाई-बहन की हालत बिगड़ने पर परिजन एक निजी अस्पताल ले गए। वहां बहन को भर्ती कर लिया गया लेकिन भाई को प्रयागराज रेफर कर दिया गया। लेकिन इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। कभी गोरखपुर और आसपास के जिलों में दिमागी बुखार में जबरदस्त हमला कर रखा था। पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी के बाद इस पर काबू पाने का दावा किया गया। अब एक बार फिर एक साथ दो मौतों ने खलबली मचा दी है।

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प्रतापगढ़ के कुंडा इलाके के बिहार ब्लॉक क्षेत्र स्थित देवर पट्टी लच्छीपुर निवासी वीरेंद्र सरोज ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता है। उसकी चार साल की बेटी तनवी और दो साल का बेटा अतीक सरोज हफ़्तेभर से बुखार से पीड़ित था। बुधवार को हालत बिगड़ने पर दोनों को कुंडा के निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां अतीक की हालत नाजुक देख प्रयागराज के चिल्ड्रेन हॉस्पिटल भेज दिया गया। इधर, कुंडा के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान तनवी की गुरुवार शाम मौत हो गई।

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शुक्रवार सुबह गांव में उसका अंतिम संस्कार किया गया। उसकी मौत से परिजन अभी उबर भी नहीं पाए थे कि शुक्रवार शाम प्रयागराज के चिल्ड्रेन अस्पताल में अतीक की भी मौत हो गई। शनिवार सुबह गांव में ही उसका भी अंतिम संस्कार किया गया। मां कल्पना सरोज सहित पूरे परिवार का रो-रोकर हाल बेहाल हो गया है। कुंडा के निजी अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि दोनों को दिमागी बुखार था। प्लेटलेट्स और ऑक्सीजन लेवल काफी कम था। बाघराय सीएचसी अधीक्षक डॉ. दिनेश सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन बात नहीं हो पाई।

मौसमी बीमारियों की चपेट में मासूम

बारिश के बाद ठंड ने दस्तक दे दी है। सुबह और रात को सर्द हवाओं ने लोगों को ठिठुरन का अहसास करा दिया है। मौसम का यह बदलाव सेहत के लिए खतरनाक साबित होने लगा है। वायरल बुखार के साथ सर्दी-जुकाम, गले में खरास, उल्टी-दस्त, निमोनिया, पीलिया तेजी से पैर पसार रहा है। मौसम में नमी के कारण मच्छरों का भी प्रकोप बढ़ रहा है। बच्चे इस मौसम की चपेट में अधिक आ रहे हैं।

चिल्ड्रेन अस्पताल में दिमागी बुखार से दो वर्षीय अतीक की शुक्रवार शाम को मौत हो गई। कुंडा के बिहार ब्लॉक के लच्छीपुर गांव के रहने वाले अतीक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अतीक का प्लेटलेट्स ओर ऑक्सीजन लेबल भी कम था। शुक्रवार को चिल्ड्रेन अस्पताल में 144 और शनिवार को 153 बच्चे इलाज के लिए ओपीडी में पहुंचे। डॉक्टरों ने कहा कि मौसम का यह बदलाव बच्चों की सेहत के लिए ज्यादा नुकसानदायक है।

चिल्ड्रेन अस्पताल में वार्मर मशीनें खराब

एक तरफ मौसमी बीमारियों की चेपट में बच्चे आ रहे हैं, वहीं चिल्ड्रेन अस्पताल के आईसीयू में लगी वार्मर की छह में से चार मशीनें खराब हैं। वार्मर मशीनों के खराब होने से गंभीर शिशुओं का समय से उपचार नहीं हो पा रहा है। भर्ती होने के लिए बच्चों को इंतजार करना पड़ता है। वहीं जनरल वार्ड में आक्सीजन पैनल का बोर्ड खराब होने के कारण उसका उपयोग नहीं हो रहा है। अब परिजन उसमें अपने मोबाइल का चार्जर लगाते हैं।

सावधानीपूर्वक बच्चों की सेहत का रखें ध्यान

बाल रोग चिकित्सक डॉ. अनुराग तिवारी के अनुसार, बच्चों में सांस लेने व दूध पीने में भी समस्या हो रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि उनके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित नहीं हुई होती है। बेहतर है कि ऐसी बीमारियों से बचाव के लिए नवजात की विशेष देखभाल करें। तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टर से परामर्श लें।