
डीपीओ–बीआरसी में खाली पदों से बढ़ा शिक्षकों पर बोझ, संगठन भर्ती की मांग पर अड़े
डीपीओ एवं बीआरसी के खाली पड़े पद प्राइमरी शिक्षकों के काम के अतिरिक्त बोझ को और बढ़ा रहा है। नतीजा, शिक्षक संगठन अब शिक्षकों के रिक्त पदों को भरे जाने के साथ-साथ डीपीओ एवं बीआरसी के भी रिक्त पदों को भरने की मांग करने लगे हैं।
डीपीओ (जिला परियोजना कार्यालय) एवं बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) के खाली पड़े पद प्राइमरी शिक्षकों के काम के अतिरिक्त बोझ को और बढ़ा रहा है। नतीजा, शिक्षक संगठन अब शिक्षकों के रिक्त पदों को भरे जाने के साथ-साथ डीपीओ एवं बीआरसी के भी रिक्त पदों को भरने की मांग करने लगे हैं। वैसे दोनों संस्थाओं में रिक्त पदों की हालत यह है कि ज्यादातर जिलों एवं ब्लॉकों में सृजित पदों के तुलना में आधा या उससे अधिक पद रिक्त पड़े हैं। सबसे खराब स्थिति बहराइच जिले की है, जहां के डीपीओ में 13 पद सृजित है जबकि सभी बीआरसी को मिलाकर कुल 60 पद सृजित हैं।
इस प्रकार से इस जिले की दोनों संस्थाओं में कुल 73 सृजित पदों में से मात्र 4 पद ही भरे हुए हैं, शेष सभी खाली हैं। इस प्रकार से बहराइच में केवल 5 प्रतिशत ही भरे हुए हैं। यही स्थिति ज्यादातर जिलों की हैं। प्रदेश में डीपीओ और बीआरसी पर कुल मिलाकर स्वीकृत पदों की संख्या 4,279 है, जिनमें से आधे से अधिक पद रिक्त हैं। बीते पांच वर्षों के दौरान प्राइमरी स्कूलों में जिस प्रकार से अलग-अलग क्षेत्रों के ऑनलाइन कार्यों में बढ़ोत्तरी हुई है, उसमें सहयोग के लिए डीपीओ और बीआरसी की स्थापना की गई है, जिसके लिए दोनों स्तरों पर पर्याप्त संख्या में पदों का सृजन किया गया है।
उद्देश्य यही था कि स्कूलों में होने वाली गतिविधियों से जुड़े सारे कार्यक्रमों मसलन, डीबीटी, एमडीएम व उपस्थिति आदि से जुड़े डाटा को तकनीकी कर्मी के रूप में तैनात कर्मचारी यू-डायस पोर्टल पर प्रतिदिन (अवकाश को छोड़कर) फीड करेगा। इसके लिए स्कूलों से वरिष्ठ शिक्षक या प्रधानाचार्य बीआरसी को फोन द्वारा सूचनाएं मुहैय्या कराते हैं। कर्मचारियों के अभाव में यह कार्य शिक्षकों व प्रधानाचार्यों को करना पड़ता है। नतीजा, कार्यदिवसों में शिक्षकों का काफी समय शिक्षण कार्य की जगह डाटा फिडिंग में व्यतीत हो जाता है।
प्रदेश के 10 शीर्ष जिलों के डीपीओ एवं बीआरसी पर रिक्त पदों की स्थिति
जिले का नाम, डीपीओ पर कार्यरत, बीआरसी पर कार्यरत, डीपीओ एवं बीआरसी पर कुल सृजित पद, दोनों स्तर पर कुल कार्यरत पदों की %
बहराइच 03 01 73 04 05
मथुरा 10 14 57 24 42
मिर्जापुर 11 20 65 31 48
शाहजहांपुर 10 27 77 37 48
चन्दौली 06 18 49 24 49
आगरा 05 34 77 39 51
उन्नाव 09 35 81 44 54
सोनभद्र 04 25 53 29 55
कानपुर नगर 07 25 57 32 56
अलीगढ़ 09 28 65 37 57
( एक डीपीओ पर सृजित पदों की संख्या 13 है जबकि एक बीआरसी पर सृजित पदों की संख्या 4)





