
यूपी में नए मतदाता बनाने को सभी जिलों में चलाएं अभियान, चुनाव आयोग ने दिए निर्देश
यूपी में नए मतदाता बनाने को सभी जिलों में अभियान चलाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। एक जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे युवाओं और अपने पूर्व पते से स्थानांतरित होने के कारण गणना प्रपत्र न पाने वाले लोगों को फॉर्म-6 भरवाया जाएगा।
यूपी में मतदाता सूची के विशेष प्रगाण पुनरीक्षण (एसआईआर) की तारीख 26 दिसंबर तक बढ़ाई गई है। ऐसे में एक जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे युवाओं और अपने पूर्व पते से स्थानांतरित होने के कारण गणना प्रपत्र न पाने वाले लोगों को फॉर्म-6 भरवाकर मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा की ओर से सभी जिलों को निर्देश दिए गए कि वह नए मतदाता जोड़ने पर पूरा फोकस करें। कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल होने से न छूटे। ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन फॉर्म पोर्टल voters.eci.gov.in के माध्यम से भरा जा सकेगा। फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र व 13 तरह के दस्तावेजों में से कोई एक स्व सत्यापित दस्तावेज लगाना होगा।
जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, कर्मचारी व पेंशनभोगी को सरकार की ओर से जारी आदेश की कॉपी, एक जुलाई 1987 से पहले सरकार, स्थानीय प्राधिकरणों, बैंकों, डाकघरों, एलआईसी व सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा जारी पहचान पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर और सरकार की ओर से जारी भूमि व मकान आवंटन प्रमाण पत्र आदि शामिल हैं। सभी डीएम को निर्देश दिए गए हैं कि बीएलओ के पास पर्याप्त संख्या में फॉर्म-6 उपलब्ध रहें यह सुनिश्चित किया जाए।
24 लाख डुप्लीकेट वोटरों में ज्यादातर गांव के बन रहे मतदाता
मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) में 24 लाख डुप्लीकेट वोटर सामने आए हैं। यह वह मतदाता हैं जिनके सूची में दो-दो या उससे अधिक जगह नाम दर्ज हैं। कई ऐसे हैं, जिनका गांव व शहर दोनों जगह की मतदाता सूची में नाम है। नियम के अनुसार वह एक जगह से ही गणना प्रपत्र भर सकते हैं। ऐसे में वह अपने स्थाई निवास गांव के मतदाता बनना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।





