बेबसी की कहानी: बुजुर्ग महिला का कूल्हा टूटा, जख्मों को चूहों ने कुरेदा; अभी तक इलाज का इंतजार
कानपुर के गोविंद नगर की कच्ची बस्ती में रहने वाली 65 वर्षीय शीला मिश्रा का कूल्हा टूटने के बाद वह बिस्तर पर पड़ गईं। देखभाल करने वाला कोई न होने से शरीर में गंभीर जख्म हो गए, जिन्हें चूहों ने भी कुतर दिया। विधायक के हस्तक्षेप पर उर्सला अस्पताल में भर्ती किया गया

कानपुर के गोविंद नगर स्थित डीबीएस कॉलेज के सामने कच्ची बस्ती में रहने वाली 65 वर्षीय शीला मिश्रा की जिंदगी इन दिनों दर्द और बेबसी के सबसे कठिन दौर से गुजर रही है। पति और बेटों की पहले ही मौत हो चुकी है। अकेली रहने वाली शीला का कुछ दिन पहले कूल्हा टूट गया, जिसके बाद वह चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हो गईं। आर्थिक तंगी और देखभाल करने वाला कोई न होने के कारण वह लगातार एक ही जगह पड़ी रहीं। इससे उनके शरीर और कमर में कई गंभीर जख्म हो गए। कमरे में पड़े रहने के दौरान चूहों ने उनके जख्मों को कई जगह कुरेद दिया, जिससे उनकी हालत और बिगड़ गई। विधायक के हस्तक्षेप के बाद उर्सला में भर्ती तो कर लिया गया लेकिन कूल्हे का इलाज न होने का हवाला देकर हैलट जाने की सलाह दे डाली।
विधायक के हस्तक्षेप पर किया गया भर्ती
शीला की दयनीय स्थिति की जानकारी एक एनजीओ से जुड़ी अनीता दुआ ने क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र मैथानी को दी। विधायक के हस्तक्षेप के बाद रविवार को उन्हें उर्सला में भर्ती कराया गया। इमरजेंसी के महिला वार्ड के बेड नंबर तीन पर भर्ती शीला की सोमवार को ब्लड जांच होनी थी।
जांच के लिए मांगे रुपये फिर ले जाने को कहा
आरोप है कि अस्पताल कर्मचारियों ने जांच के लिए 350 रुपये मांगे। एनजीओ कार्यकर्ताओं ने जब बताया कि शीला बेहद गरीब और बेसहारा हैं। विधायक की सिफारिश पर यहां भर्ती हुई हैं, तो कर्मचारियों ने ब्लड सैंपल वापस करते हुए जांच करने से भी मना कर दिया। साथ ही यह भी कह दिया कि टूटे कूल्हे का इलाज उर्सला में नहीं, बल्कि हैलट अस्पताल में होगा।
पहली प्राथमिकता बुजुर्ग महिला का इलाज- विधायक
विधाक सुरेंद्र मैथानी ने बताया कि बुजुर्ग महिला के परिवार में कोई नहीं है। हमारी पहली प्राथमिकता उनका बेहतर इलाज कराना है। साथ ही उर्सला के निदेशक से पूछेंगे कि लाचार मरीज का इलाज आखिर क्यों नहीं हुआ। जांच के लिए रुपये क्यों मांगे गए। वहीं इस मामले पर उर्सला के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग महिला से पैसे मांगने की बात हैरान करने वाली है। अगर ऐसा कोई मामला है तो उसकी जांच कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। महिला का बेहतर इलाज होगा।


