एक छोटी से गलती पड़ी भारी! बुजुर्ग ने रैपर के साथ निगली टेबलेट, फट गई आंत

Jan 07, 2026 08:48 am ISTPawan Kumar Sharma मनीष मिश्र, गोरखपुर
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एक बुजुर्ग की एक छोटी सी गलती जान पर बन आई। दरअसल, बुजुर्ग मेडिकल स्टोर से जोड़ों की दर्द की दवा ले आया और रैपर समेत टेबलेट निगल ली। रैपर के नुकीले कोनों ने आंतें चीर दीं। बुजुर्ग की हालत नाजुक हो गई।

एक छोटी से गलती पड़ी भारी! बुजुर्ग ने रैपर के साथ निगली टेबलेट, फट गई आंत

जोड़ों के दर्द की एक गोली से बुजुर्ग की जान पर बन आई। कुशीनगर का एक बुजुर्ग मेडिकल स्टोर से दवा ले आया। दुकानदार ने ब्लिस्टर पैकिंग वाली दवा की टेबलेट को पत्ते से काट कर दिया था। बुजुर्ग ने रैपर समेत टेबलेट निगल ली। रैपर के नुकीले कोनों ने आंतें चीर दीं। बुजुर्ग की हालत नाजुक हो गई। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने सर्जरी कर उसे नया जीवन दिया। यह केस रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय जर्नल क्यूरियस में प्रकाशित हुई है।

कुशीनगर के रहने वाले 75 वर्षीय बुजुर्ग को जोड़ों में दर्द की शिकायत थी। उन्होंने गांव के पास के मेडिकल स्टोर से दवा खरीदी। दुकानदार ने ब्लिस्टर पैकेजिंग वाली दवा के पत्ते से टेबलेट काटकर दे दिया। बुजुर्ग बुजुर्ग ने बिना सोचे-समझे रैपर समेत दवा निगल ली। दूसरी खुराक के बाद से उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। पेट में तेज दर्द-मरोड़ के साथ खून की उल्टी होने लगी। घबराए परिजन बुजुर्ग को लेकर पहले जिला अस्पताल फिर बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे।

एनेस्थीसिया विभाग की टीम ने की पहल

मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में बुजुर्ग को भर्ती किया गया। एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और इंडोस्कोपी की गई। जांच में पता चला, रैपर पेट में अटककर आंतें फाड़ चुका है। संक्रमण जानलेवा हो गया और पेरिटोनाइटिस की स्थिति बन गई। मरीज की सांसें उखड़ने लगीं। एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. शाहबाज अहमद, डॉ. गौरव सिंह और डॉ. प्रियंका द्विवेदी ने पहल की और डॉक्टरों की टीम ने तत्काल सर्जरी का फैसला किया। ऑपरेशन थिएटर में घंटों सर्जरी चली। मरीज के पेट से ब्लिस्टर पैकिंग वाली टेबलेट निकाली गई। क्षतिग्रस्त आंत की मरम्मत की गई। इस तरह बुजर्ग की जान बच गई।

आंत में गंदा खून जाने से फैला संक्रमण

बीआरडी मेडिकल कालेज में यह अपनी तरह का अनोखा मामला रहा। इस केस की रिपोर्ट इंटरनेशनल जर्नल ऑफ क्यूरियस में प्रकाशित हुई है। डॉ. शाहबाज ने बताया कि बुजुर्ग को पता ही नहीं था कि पैकिंग से टेबलेट निकालकर खाई जाती है। दुनिया में ऐसे मामले कम ही देखे जाते हैं। ब्लिस्टर प्लास्टिक रैपर के कारण इंटेस्टाइनल परफोरेशन हो गया। आंत में गंदा खून पहुंचने से शरीर में संक्रमण फैलने लगा।

Pawan Kumar Sharma

लेखक के बारे में

Pawan Kumar Sharma

पवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।

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