Hindi NewsUP NewsEight bulldozers, two Poclain machines, as soon as three-storey showroom collapsed, smoke spread for half a kilometre
आठ बुलडोजर, दो पोकलैन मशीन, तीन मंजिला शोरूम ध्वस्त होते ही आधा किलोमीटर तक धुएं का गुबार

आठ बुलडोजर, दो पोकलैन मशीन, तीन मंजिला शोरूम ध्वस्त होते ही आधा किलोमीटर तक धुएं का गुबार

संक्षेप:

बरेली में मौलाना तौकीर के करीबी मो. आरिफ के अवैध शोरूम को बीडीए की टीम ने दो दिनों के अंदर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। आठ बुलडोजर और दो पोकलैन मशीनों ने जैसे ही तीन मंजिला इमारत को धराशायी किया, आधा किलोमीटर तक धूल का गुबार छा गया। एक हाइटेंशन लाइन खंभा भी गिर गया।

Nov 24, 2025 06:37 am ISTYogesh Yadav बरेली, वरिष्ठ संवाददाता।
share Share
Follow Us on

बरेली में आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के करीबी मोहम्मद आरिफ के पीलीभीत बाईपास रोड पर बने अवैध तीन मंजिला शोरूम को जमींदोज करने में बीडीए को दो दिन में आठ बुलडोजर और दो पोकलेन मशीनें लगानी पड़ीं। शनिवार को शुरू हुई यह कार्रवाई रविवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे तब पूरी हुई, जब भारी मशीनरी के प्रहार से यह तीन मंजिला इमारत धराशायी होकर मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। इमारत गिरते ही आधा किलोमीटर का इलाका धूल के गुबार में डूब गया। इस दौरान एक हाईटेंशन लाइन खंभा भी गिर गया।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

शनिवार को बीडीए की टीम ने पहली बार कार्रवाई करते हुए पांच बुलडोजर और एक पोकलेन मशीन लगाई थी, लेकिन सूरज ढलने तक टीम केवल 20 प्रतिशत हिस्सा ही गिरा सकी। इसके बाद रविवार को प्रशासनिक सख्ती और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करते हुए बीडीए की टीम फिर मौके पर पहुंची। तीन बुलडोजर और एक पोकलेन मशीन के साथ सुबह 11:51 बजे ध्वस्तीकरण का काम दोबारा शुरू किया गया। शाम करीब 5:30 बजे अंतिम प्रहार के साथ पूरा शोरूम मिट्टी में मिल गया।

ये भी पढ़ें:यही रवैया रहा तो मुल्क... बरेली बवाल में गिरफ्तार मौलाना तौकीर ने फिर उगला जहर

ध्वस्तीकरण से पहले पुलिस ने पीलीभीत बाईपास रोड के एक तरफ का मार्ग पूरी तरह बंद कर दिया था। बैरिकेडिंग लगाकर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। कई थानों की पुलिस, पीएसी, सीओ, मजिस्ट्रेट और परिवर्तन दल के सदस्य मौके पर मौजूद रहे। बीडीए वीसी भी खुद निगरानी करते रहे। सुरक्षा के कड़े इंतज़ामों के बीच जब बुलडोजर की पहली चोट इमारत पर पड़ी, तो भीड़ में खड़े लोगों के बीच सन्नाटा फैल गया।

शाम के अंतिम प्रहार के साथ धूल के गुबार में डूबकर जमीन पर बिखर गई। शोरूम संचालक और कर्मचारियों के वर्षों से पाले गए सपने पलभर में मिटते नजर आए। करोड़ों रुपये की चमकदार इमारत का ढांचा मलबे में तब्दील हो गई।

धूल के गुबार से अंधेरा सा छाया

इमारत ढहते ही इतना तेज धूल का गुबार उठा कि आसपास खड़े पुलिसकर्मी, बीडीए कर्मचारी और आम लोग तकरीबन 500 मीटर तक पीछे हटने को मजबूर हो गए। धूल का घना बादल हवा में इस कदर फैला कि कुछ देर तक दृश्यता बेहद कम हो गई। स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए बीडीए की टीम ने तुरंत पानी का टैंकर मंगाकर वहां छिड़काव कराया। शाम तक धूल बैठाने और रास्ता साफ करने का काम चलता रहा।

शनिवार को टूटा था दो मंजिला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स

शनिवार को बीडीए ने मोहम्मद आरिफ की जगतपुर पानी की टंकी स्थित दो मंजिला मार्केट को पूरी तरह ध्वस्त किया था। इस मार्केट में 16 दुकानें थीं। उसी दिन बीडीए की टीम पीलीभीत बाईपास वाले तीन मंजिला शोरूम पर भी पहुंची थी, मगर अंधेरा होने के कारण केवल 20 प्रतिशत हिस्सा ही गिराया जा सका। इसके बाद रविवार को पूर्ण तैयारी और अतिरिक्त बल के साथ पूरी इमारत को जमींदोज करने की योजना बनाई गई।

दो दिनों तक तमाशबीन बनी रही भीड़

ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई शहरभर में चर्चा का विषय बनी रही। शनिवार की तरह रविवार को भी हजारों लोग बाईपास रोड के दोनों ओर खड़े होकर पूरा तमाशा देखते रहे। पुलिस द्वारा बार-बार हटने की अपील किए जाने के बावजूद भीड़ अपने स्थानों से नहीं डिगी। लोग अपने मोबाइल कैमरों में हर पल कैद करने की कोशिश करते रहे।

हाईटेंशन लाइन का खंभा गिरा, बड़ा हादसा टला

बरेली। पीलीभीत बाईपास पर अवैध शोरूम को ध्वस्त करने के दौरान रविवार को बड़ा हादसा टल गया। बुलडोजर कार्रवाई के बीच अचानक हाईटेंशन लाइन का एक खंभे से बुलडोजर का पंजा टकरा गया, जिससे खंभा गिर गया। मौके पर मौजूद पुलिस व पीएसी के जवान बाल-बाल बच गए। घटना होते ही माहौल में अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए सभी लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

रविवार की दोपहर को अवैध शोरूम पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई बीडीए कर रहा था। तभी बुलडोजर का पंजा एक बिजली खंभे से टकरा गया। जिससे और तार झुल गए। खंभा गिरते ही अफरा तफरी मच गई। ध्वस्तीकरण कार्रवाई से पहले बिजली सप्लाई बंद कर दी गई थी। हालांकि खंभा गिरने से किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन लोगों में डर देखने को मिला। मौके पर मौजूद टीम ने हाईटेंशन लाइन को सुरक्षित करने के बाद ही आगे की कार्रवाई शुरू की गई।