छांगुर बाबा की अकूत दौलत का अब ईडी लेगी हिसाब, कोर्ट से मिली पांच दिन की कस्टडी रिमांड
गैर-मुस्लिमों का धर्मांतरण कराने वाले छांगुर बाबा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। धर्मांतरण के जरिए सौ करोड़ से ज्यादा की संपत्ति बनाने वाला छांगुर पर अब ईडी ने शिकंजा कस दिया है। सोमवार को अदालत ने छांगुर को पांच दिनों के लिए ईडी की रिमांड पर दे दिया है।

गैर-मुस्लिमों का धर्मांतरण करने के लिए बड़ा गैंग चलाने और 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति बनाने वाले जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा से अब इस अकूत दौलत का हिसाब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम लेगी। कोर्ट ने सोमवार को छांगुर बाबा को पांच दिनों के लिए ईडी की रिमांड पर दे दिया। ईडी ने छांगुर बाबा से जुड़े एक दर्जन से ज्यादा स्थानों पर छापेमारी की थी। इन छापेमारी में कई दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्यों को जब्त किया गया था। इन साक्ष्यों से भी साफ हुआ था कि धर्मांतरण के लिए ही मुस्लिम देशों से यह धनराशि बाबा को मिलती रही थी।
ईडी के विशेष न्यायाधीश राहुल प्रकाश ने रिमांड की स्वीकृत दी है। ईडी ने छांगुर को सात दिन की रिमाण्ड देने के लिए अर्जी दी थी। रिमाण्ड अवधि एक अगस्त तक रहेगी। इस अवधि में ईडी 100 करोड़ रुपये के लेन-देन के अलावा उससे अन्य सम्पत्तियों के बारे में सवाल जवाब करेगी। इससे पहले छांगुर को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में कोर्ट में पेश किया गया था। रिमाण्ड स्वीकृत होने पर ईडी उसे अपनी सुपुर्दगी में लेकर चली गई।
ईडी ने अपनी रिमाण्ड अर्जी में भी लिखा था कि आरोपी मनी लांड्रिंग की धारा-तीन का दोषी है और उसे कस्टडी रिमाण्ड पर लिया जाना जरूरी ताकि उससे कई बिन्दुओं पर पूछताछ की जा सकी। उससे यह पता किया जाना है कि धर्मांतरण में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल रहे। इन लोगों की अवैध सम्पत्तियां कहां बनाई गई है। छांगुर व उसके सहयोगियों के खाते किन-किन बैंकों में है। ईडी ने यह भी लिखा था कि यह प्रकरण देश हित से जुड़ा है।
17 जुलाई को ईडी ने छापा मारा था
ईडी ने कोर्ट में बताया कि 17 जुलाई को उसने छांगुर, नवीन, महबूब, राजेश कुमार उपाध्याय,दुर्गेश कुमार ,संतोष कुमार, शहजाद शेख ,वसीम अहमद, शमीम मलिक, मलिक अली अहमद, जुम्मन खान एवं मोहम्मद इक्तिदाखान के 15 ठिकानों पर तलाशी ली थी। एटीएस ने पांच जुलाई को छांगुर व उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को गिरफ्तार किया था। खुलासा हुआ था कि छांगुर ने कुछ सालों में अवैध तरीके से 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां खरीदी और अवैध निर्माण कराया । ईडी ने छांगुर का नौ जुलाई 2025 को बयान रिकॉर्ड करने के उपरांत जांच शुरू की थी।
बताया जाता है कि बलरामपुर के उतरौला सहित आसपास के इलाकों में छांगुर और उससे जुड़े सहयोगियों की करोड़ों के लागत की दस बड़ी सम्पत्तियों को चिह्नित किया गया है। यह सभी सम्पत्तियां 75 करोड़ से अधिक की बताई जा रही हैं। ऐसे में छांगुर की मुश्किलें आने वाले दिनों में और भी बढ़ने वाली हैं। उससे जुड़े लोगों के खिलाफ एक के बाद एक कार्रवाई हो रही है, जिससे उसका सिंडीकेट धड़ाम होता दिख रहा है। इस बीच एटीएस और ईडी ने जांच के दौरान खासकर उतरौला क्षेत्र में छांगुर और उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन व नवीन के साथ अन्य लोगों से जुड़ी दस सम्पत्तियों को चिह्नित किया है।
इसमें कई जमीनें, शोरूम और प्लाट भी शामिल हैं। इन सभी के जब्तीकरण को लेकर नये सिरे से कार्ययोजना बनाई जा रही है। एटीएस सूत्रों की मानें तो यह पता चला है कि छांगुर और उसके सहयोगियों को अवैध धर्मान्तरण के नाम पर जो करोड़ों की विदेशी फंडिंग मिली थी उसी के जरिए इस पूरे काले साम्राज्य का खड़ा किया गया था। बताया यह भी जाता है कि इसमें से कई सम्पत्तियों पर भी आने वाले दिनों में बुलडोजर चल सकता है।
धर्मांतरण कराने में छांगुर गिरोह की कदम कदम पर मदद करने वाले करीब तीन हजार लोगों की कुंडली खंगाली जा रही है। एसटीएफ की जांच में इन लोगों का जिक्र भी आया था। छांगुर व नीतू की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने इस बिन्दु पर भी पड़ताल शुरू की। बताया जा रहा है कि इनमें वह लोग शामिल है जिन्होंने धर्मांतरण के लिए शिकार फंसाने से लेकर उन्हें इस्लाम धर्म कुबूल करवाने तक गिरोह की काफी मदद की है। कई लोग भी है जिन्होंने छांगुर को धर्मांतरण से मिली रकम से जमीन की खरीद कराई है।
एटीएस गिरोह के इन मददगारों पर सख्त रुख अपना रही है। यह जानकारी एटीएस को मिली थी कि छांगुर के 18 प्रमुख सहयोगियों के अलावा तीन हजार अन्य लोग भी किसी न किसी स्तर पर उसके मददगार रहे हैं। इनके नामों का खुलासा करने के लिए एटीएस को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
धर्मांतरण कराने में कई महिलाएं भी रहीं शामिल : एटीएस सूत्र बताते हैं कि धर्मान्तरण कराने वालों में कई महिलाएं व लड़कियां भी थीं। छांगुर के इशारे पर इन लोगों के जरिए कई अवैध काम भी कराए गए। इनमें से कई लोगों के खातों में भी विदेशी फंडिंग कराई गई। एटीएस टीम ऐसे लोगों का पता लगाने के लिए सक्रिय हो गई है।
छांगुर के जिस राजदार भतीजे सबरोज के घर पर शनिवार को बुलडोजर चला है यह उसके लिए बहुत अहम था। सूत्र बताते हैं कि धर्मान्तरण कराने के बाद सबरोज लोगों की मुलाकात छांगुर से कराता था। यही नहीं छांगुर ने धर्मान्तरण कराने के लिए कव्वालों की एक टीम बना रखी थी, जिसका मुखिया सबरोज को बनाया गया था। कव्वाली के माध्यम से वह लोगों को प्रभावित कर अवैध धर्मान्तरण के बारे में जानकारी देता था। हिंदू युवक-युवतियों को बहला फुसलाकर उनका धर्मान्तरण कराता था।
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Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


