छांगुर पर ईडी का शिकंजा और कसा, करोड़ों की सम्पत्ति के दस्तावेज जब्त, एक शोरूम भी सील
धर्मांतरण का गैंग चलाने वाले छांगुर पर ईडी का शिकंजा और कस गया है। करोड़ों की सम्पत्ति के दस्तावेज ईडी ने जब्त कर लिए हैं। एक शोरूम को भी सील किया गया है। बलरामपुर की सारी अचल सम्पत्तियां नीतू और उसके पति नवीन के नाम पर हैं।

धर्मांतरण के खेल में जुटे जमालुद्दीन उर्फ छांगुर पर ईडी ने अपना शिकंजा और कस दिया है। ईडी ने बलरामपुर और मुम्बई में अपनी छापेमारी के दौरान छांगुर की करोड़ों रुपये की सम्पत्ति के दस्तावेज जब्त किए हैं। बलरामपुर में एक शोरूम सील कर दिया है। यहां पर ईडी ने नोटिस भी चस्पा कर दी है। इस छापेमारी में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि बलरामपुर में छांगुर के अधीन सारी अचल सम्पत्तियां नीतू व उसके पति नवीन के नाम दर्ज मिली। उसने सम्भवत: जब्त होने से बचाने के लिए साजिश के तहत ऐसा किया था। पर, एटीएस की एफआईआर में उसके साथ नीतू व नवीन भी नामजद हुए जिससे उसकी साजिश धरी रह गई।
ईडी के अफसरों का दावा है कि दस्तावेज की जांच के बाद उसकी करोड़ों रुपये की 40 अन्य सम्पत्तियां भी जल्दी ही जब्त कर ली जाएगी। बैंक के खातों में 60 करोड़ से अधिक के लेन-देन की पुष्टि की जा चुकी है। ईडी कानूनी औपचारिकता पूरी होते ही छांगुर व नीतू को रिमाण्ड पर लेगी और अब तक मिले साक्ष्यों के साथ उनसे पूछताछ करेगी। ईडी इस गिरोह के खिलाफ एटीएस में दर्ज मुकदमे के आधार पर आगे की जांच कर रही है। उसने मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। ईडी ने गुरुवार को बलरामपुर, लखनऊ और मुम्बई में 15 ठिकानों पर छापे मारे थे।
22 बैंक खातों में 60 करोड़ का लेन-देन मिला
ईडी के मुताबिक छांगुर और उसके सहयोगियों के 22 बैंक खातों को खंगाला जा चुका है। इसमें ही 60 करोड़ से अधिक की रकम का लेन-देन सामने आया है। इन खातों से भी पुष्टि हुई है कि काफी रकम लगातार विदेशों से उसके खातों में भेजी गई। अभी करीब 30 और खातों की जांच की जानी है। एसटीएफ अपनी जांच में पहले ही कह चुकी है कि इन खातों से एक साल में 100 करोड़ से अधिक का लेन-देन हुआ है।
सारी सम्पत्ति अपराध के जरिए अर्जित
ईडी के मुताबिक, जब्त दस्तावेजों से साफ हुआ कि छांगुर गिरोह की सारी सम्पत्ति दबंगई और धर्मांतरण के जरिए हुई आय से ही बनी है। उसकी सारी सम्पत्ति अवैध कामों से ही बनाई गई है। इसमें विदेशों से आई रकम भी शामिल है। इन रकम से ही करोड़ों की अचल सम्पत्तियां खरीदी गई। फिर इन सम्पत्तियों पर निर्माण के लिए अलग-अलग लोगों के नाम इनकी रजिस्ट्री की गई। अब तक की जांच में यह भी सामने आया कि छांगुर अपने पास जितनी सम्पत्ति रखे हुए था, वह सभी नीतू व उसके पति नवीन रोहरा के नाम पर है। ऐसा उसने मनी लांड्रिंग में अपनी वास्तविक संलिप्तता छिपाने के लिए किया।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
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बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


