
कफ सिरप केस में ईडी की रेड; जौनपुर, लखनऊ, वाराणसी समेत 25 ठिकानों पर छापे
कफ सिरप की तस्करी से जुड़े एक हजार करोड़ से अधिक के अवैध कारोबार के मामले में शुक्रवार की सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। राजधानी लखनऊ, तस्करी के मुख्य केंद्र वाराणसी समेत देश के तीन राज्यों में 25 स्थानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की गई है।
कफ सिरप की तस्करी से जुड़े एक हजार करोड़ से अधिक के अवैध कारोबार के मामले में शुक्रवार की सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय की टीमों ने राजधानी लखनऊ, तस्करी के मुख्य केंद्र वाराणसी समेत देश के तीन राज्यों में 25 स्थानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की है। मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के सहयोगियों, आपूर्तिकर्ता फार्मा कंपनियों और चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के ठिकानों को ईडी ने निशाने पर लिया है। यूपी के जौनपुर, सहारनपुर के साथ ही झारखंड की राजधानी रांची और गुजरात के अहमदाबाद में भी छापेमारी चल रही है।
यह बड़ी कार्रवाई पिछले दो महीनों में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक हजार करोड़ से ज्यादा के कफ सिरप के अवैध कारोबार का है। इसमें सोनभद्र, सहारनपुर और गाजियाबाद भी शामिल हैं। यूपी में इसे लेकर 30 से अधिक एफआईआर पहले ही दर्ज हो चुकी है। जिला स्तर के अलावा राज्य सरकार ने भी एसआईटी का गठन किया है। अवैध कारोबार में शामिल लोगों पर अवैध भंडारण, परिवहन, व्यापार और सीमा पार तस्करी का आरोप है।
इस पूरे अवैध कारोबार का मुख्य आरोपी वाराणसी के शुभम जायसवाल को बताया जा रहा है। वह फ़िलहाल फरार है और दुबई में छिपा हुआ है। पुलिस ने अब इसके दो प्रमुख सहयोगियों अमित सिंह टाटा और एसटीएफ से बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह, शुभम के पिता भोला सिंह समेत 32 लोगों को गिरफ्तार किया है। कफ सिरप की सप्लाई नेपाल और बांग्लादेश तक होने के सबूत मिले हैं। ऐसे में मनी लॉंड्रिग की भी आशंका को देखते हुए ईडी एक्टिव हुई है। ईडी ने पिछले दिनों शुभम जायसवाल के घर पर पूछताछ के लिए नोटिस भी चस्पा की थी।
सभी फर्मो का ब्योरा लेने के बाद मारा छापा
ईडी पांच दिन से शुभम जायसवाल, आलोक सिंह, अमित टाटा, विभोर राणा, विशाला राणा समेत 20 से अधिक आरोपियों के नाम से बनी 80 से अधिक फर्मो का पूरा ब्योरा जुटा रही थी। इस दौरान ईडी ने दुबई में छिपे शुभम जायसवाल के वाराणसी स्थित घर पर आठ दिसम्बर को पेश होने का नोटिस भी चस्पा किया था। आरोपियों की सम्पत्ति का ब्योरा मिलते ही ईडी ने शुक्रवार को कार्रवाई की।
आलोक की कोठी में मुश्किल से घुस पाई ईडी
ईडी के करीब 20 सदस्य सुबह साढ़े सात बजे आलोक सिंह की सुलतानपुर रोड स्थित स्वास्तिक सिटी कोठी में पहुंचे। घर में मौजूद महिलाओं ने ईडी के काफी प्रयास के बाद गेट नहीं खोला। करीब आधे घंटे प्रयास के बाद कोठी का गेट खुला, तब ईडी टीम अंदर पहुंची। ईडी ने घर का कोना-कोना खंगाला। तीन आलमारियां खुलवाकर उसमें रखे दस्तावेज, तीन मोबाइल और कुछ फाइलें कब्जे में ली।
लखनऊ में यहां भी हुई छापेमारी
लखनऊ में दवा कम्पनी ईडहिका लाइफ साइंसेज के एलडीए कालोनी और ट्रांसपोर्ट नगर स्थित कार्यालयों,सरोजनीनगर के कैलाश विहार कालोनी में प्रसाद जायसवाल और अर्चना मनोहर जायसवाल के घरों में दोपहर बाद तक कार्रवाई चलती रही।
40 वाहनों से वाराणसी पहुंची दो दर्जन टीमें
दो दर्जन टीमें 40 वाहनों से वाराणसी पहुंची हैं। सरगना शुभम जायसवाल के आदमपुर थाना क्षेत्र का कायस्थ टोला के पुश्तैनी मकान और सिगरा के बादशाह बाग कॉलोनी स्थित नए मकान पर ईडी की टीम पहुंची।
इसके अलावा गिरोह के मुख्य कड़ी खोजवा निवासी दिवेश जायसवाल के घर भी टीम पहुंची है। कोतवाली थाने में नामजद दागी फर्मो के यहां भी अलग-अलग टीमें पहुंची हैं। टीम फर्म का भौतिक सत्यापन करने के साथ ही पूछताछ में जुटी है। खोजवां में दिवेश जायसवाल के दो मंजिला मकान के भूतल पर जनरल स्टोर चल रहा था। इसी दुकान के नाम पर फर्म भी पंजीकृत है।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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