Hindi NewsUP NewsDuring the surprise inspection of the Mayor, many including the Chief Engineer were absent, the main gate was locked
महापौर के औचक निरीक्षण में चीफ इंजीनियर समेत कई नदारद, मेन गेट पर जड़ा ताला

महापौर के औचक निरीक्षण में चीफ इंजीनियर समेत कई नदारद, मेन गेट पर जड़ा ताला

संक्षेप:

लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने गुरुवार को नगर निगम मुख्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान चीफ इंजीनियर, अपर नगर आयुक्त समेत कई कर्मचारी नदारद मिले। महापौर ने अपस्थिति रजिस्टर अपने कब्जे में ले लिया है और नदारद कर्मचारियों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।

Sep 11, 2025 06:04 pm ISTYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान, लखनऊ वार्ता
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लखनऊ नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर भाजपा में दो गुट बन चुके हैं। नगर निगम में भाजपा की ही सत्ता होने के बाद भी लखनऊ की सरोजनी नगर से भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने कई आरोप लगाते हुए पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र सौंपा था। अब गुरुवार को नगर निगम मुख्यालय में महापौर सुषमा खर्कवाल ने औचक निरीक्षण किया तो असलियत भी सामने आ गई। चीफ इंजीनियर, कई अपर नगर आयुक्त और कर्मचारी नदारद रहे। इससे नाराज महापौर ने मुख्य दरवाजे पर ताला लगवाने के साथ ही मौके पर मौजूद अटेंडेंस रजिस्टर जब्त कर लिया है।

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इसके साथ ही महापौर ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया है कि सीट से अनुपस्थित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाए। नगर निगम पहुंची महापौर ने आज निरीक्षण की शुरुआत से पहले ही नगर निगम मुख्यालय के मुख्य गेट और दूसरे गेट पर ताला जड़वा दिया था। इस कदम से अंदर-बाहर की गतिविधियों पर नियंत्रण रखा गया। महापौर के निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त गौरव कुमार अपने कार्यालय में मौजूद मिले। हालांकि, महापौर जब अपर नगर आयुक्तों के कार्यालयों में पहुंचीं तो वहां कोई अधिकारी मौजूद नहीं था।

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इस दौरान अपर नगर आयुक्त ललित कुमार, नम्रता सिंह, अरुण कुमार गुप्त एवं डॉ. अरविंद कुमार राव अपने कार्यालय में उपस्थित नहीं मिले। इतना ही नहीं, उप नगर आयुक्त रश्मि भारती का कार्यालय भी खाली मिला और समस्त सहायक नगर आयुक्त विकास सिंह, विनीत सिंह, रामेश्वर प्रसाद भी अपनी सीट पर अनुपस्थित पाए गए। इसके साथ ही चीफ इंजीनियर महेश वर्मा भी समय पर अपने कार्यालय में उपस्थित नहीं मिले।

वहीं निरीक्षण के दौरान महापौर को कुछ अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए अपने-अपने कार्यालय में मौजूद थे। इनमें मुख्य वित्त एवं लेखा अधिकारी महामिलिंद लाल, मुख्य कर निर्धारिण अधिकारी अशोक सिंह और नगर स्वास्थ्य अधिकारी पीके श्रीवास्तव शामिल रहे। महापौर ने इन अधिकारियों की उपस्थिति पर संतोष जताया और कहा कि सभी कर्मचारियों को इन्हीं की तरह समय पर और जिम्मेदारी से कार्य करना चाहिए।

निरीक्षण के बाद जब महापौर ने 311 एप के जरिए कर्मचारियों की अटेंडेंस सूची मंगाई। सूची की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कई कर्मचारी सुबह मुख्यालय परिसर में आकर अटेंडेंस तो दर्ज कर गए, लेकिन उसके बाद वे अपनी सीट पर मौजूद नहीं थे। महापौर ने इसे गंभीर लापरवाही करार दिया और ऐसे सभी कर्मचारियों की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज निकलवाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इसके साथ ही महापौर ने नगर आयुक्त को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दो दिनों के भीतर सभी अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाए और आगे की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल मुख्यालय की कार्यशैली का नहीं बल्कि जनता की सुविधाओं से जुड़ा है, इसलिए इस लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। महापौर ने कहा कि पूरे मामले की शिकायत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी की जाएगी।

महापौर ने जनता से अपील की है कि अगर 10 बजे आपको नगर निगम कार्यालय में अधिकारी व कर्मचारी सीट पर नहीं मिलें तो तुरंत इसकी शिकायत 638920005 पर करें। इसके साथ ही आप फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स पर भी टैग कर सकते हैं।