डिलीवरी के दौरान प्रेग्नेंट महिला के सीने पर बैठ पेट दबाने लगी कर्मचारी, यूपी के नर्सिंग होम में गजब कांड

Ajay Singh संवाददाता, बदायूं
share

नर्सिंग होम के लेबर रूम में गजब कांड हो गया। प्रेग्नेंट महिला दर्द से कराह रही थी। इसी दौरान एक महिला कर्मचारी उसके सीने पर बैठ गई। आरोप है कि उसने सीने पर बैठकर प्रसूता का पेट दबाना शुरू किया। नवजात इतना सब कुछ सह नहीं सका और उसकी मौत हो गई। परिवार को इस बारे में पता चला तो हंगामा हो गया।

डिलीवरी के दौरान प्रेग्नेंट महिला के सीने पर बैठ पेट दबाने लगी कर्मचारी, यूपी के नर्सिंग होम में गजब कांड

UP News : उत्तर प्रदेश के बदायूं के एक नर्सिंग होम में गजब कांड हो गया। यहां कादरचौक स्थित राधिका नर्सिंग होम में कथित तौर पर डिलीवरी के दौरान के एक महिला कर्मचारी प्रसूता के सीने पर बैठकर पेट दबाने लगी और नवजात की मौत हो गई। यह बात जब परिवारीजनों को पता चली तो उन्होंने हंगामा कर दिया। परिवारवालों ने उक्त नर्सिंग होम के साथ-साथ कादरचौक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के स्टाफ पर भी गंभीर आरोप लगाए। परिवार ने कहा कि प्रसूता को लेकर वह पहले वहीं गए थे लेकिन उन्हें इस नर्सिंग होम में भेज दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ ने कादरचौक सीएचसी के प्रभारी (एमओआईसी) को वहां से हटा दिया है। साथ ही नर्सिंग होम को सील करने और मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। डीमए ने प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।

कादरचौक थाना क्षेत्र के ललसी नगला गांव निवासी छोटेलाल ने बताया कि उनकी पत्नी कृष्णा को रविवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर 108 एंबुलेंस से कादरचौक सीएचसी में भर्ती कराया गया। आरोप है कि वहां तैनात एएनएम शशिलता व दाई बबीता ने एमओआईसी डॉ. अवधेश राठौर से बात कर प्रसूता को राधिका नर्सिंग होम भेज दिया, जिसे एमओआईसी की बहन मोनिका राठौर संचालित करती हैं। नर्सिंग होम पहुंचते ही छोटेलाल से 15 हजार रुपये जमा करा लिए गए। आरोप है कि दोपहर में प्रसव के दौरान नर्सिंग होम की एक महिलाकर्मी ने प्रसूता के सीने पर बैठकर पेट दबाया, जिससे नवजात की मौके पर ही मौत हो गई। इसकी जानकारी पर परिजनों ने विरोध किया तो स्टाफ ने उन्हें धमकी दी। साथ ही कहा गया कि जबतक नर्सिंग होम के सभी पैसे जमा नहीं करा देते तब तक प्रसूता और नवजात के शव को से ले जाने नहीं दिया जाएगा। इस पर हंगामा शुरू हो गया।

Voice of UP

सूचना पर एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंचे। प्रथम दृष्टया उनकी जांच के आधार पर कार्रवाई की गई। सीएमओ डॉ. मोहन झा ने कहा कि मामला गंभीर है। कादरचौक सीएचसी के एमओआईसी को वहां से हटाकर ककराला भेज दिया गया है। नर्सिंग होम सील करने के आदेश दिए हैं।

डीएम ने गठित की तीन सदस्यीय जांच कमेटी

कादरचौक क्षेत्र में प्रसूता के सीने पर बैठकर प्रसव के दौरान नवजात की मौत का मामला संज्ञान में आते की अधिकारियों में खलबली मच गई। अधिकारी दौड़े-दौड़े राधिका नर्सिंग होम पहुंचे। वहीं, डीएम अवनीश राय ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। इसमें एसडीएम सदर, सीओ उझानी और एमओआईसी हैं। कमेटी ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। कमेटी की रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर नर्सिंग होम का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। देर शाम प्रसूता को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

मानकों की हो रही थी अनदेखी

सीएमओ डॉ. मोहन झा ने बताया कि अस्पताल तो पंजीकृत है, लेकिन वहां कोई डाक्टर नहीं है। इसके अलावा अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की मानकों की अनदेखी की जा रही थी। साथ ही उन्होंने बताया कि ककराला सीएचसी प्रभारी को कादरचौक सीएचसी का प्रभारी बनाया है।

कृपया अपने अनुभव को रेट करें

Ajay Singh

लेखक के बारे में

Ajay Singh

अजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।